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भारत

कर्तव्य पथ पर भारत का भव्य शक्ति प्रदर्शन, AI सुरक्षा और विदेशी मेहमानों की मौजूदगी में गूंजा वंदे मातरम

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भारत ने 77वें गणतंत्र दिवस पर अपनी सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन किया। यूरोपीय नेताओं की उपस्थिति और AI सुरक्षा ने इस उत्सव को खास बनाया।

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नई दिल्ली | भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और राष्ट्रीय गौरव के साथ मना रहा है। देश की राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक कर्तव्य पथ एक बार फिर भारत की सैन्य शक्ति, समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और भविष्य के संकल्पों का साक्षी बना। यह पावन अवसर न केवल हमारे संविधान के लागू होने की वर्षगांठ है, बल्कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की निरंतर विकास यात्रा का एक सशक्त प्रमाण भी है। सुबह की हल्की धुंध के बीच, तिरंगे के तीन रंगों ने आसमान में एक नई आभा बिखेरी, जो हर भारतीय के हृदय में देशभक्ति का संचार कर रही है। इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह विशेष रूप से विकसित भारत 2047 के संकल्प और वंदे मातरम् के 150 गौरवशाली वर्षों को समर्पित किया गया है।

पीएम मोदी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचने के साथ हुई। प्रधानमंत्री ने यहां देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात, पीएम मोदी कर्तव्य पथ के सलामी मंच पर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया। सुबह 10:30 बजे राष्ट्रपति के नेतृत्व में भव्य परेड का आगाज हुआ। लगभग 90 मिनट तक चलने वाली इस परेड में थल सेना, नौसेना और वायुसेना के जांबाज सैनिकों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। आसमान में वायुसेना के विमानों के फ्लाईपास्ट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

यूरोपीय नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति

भारत की वैश्विक कूटनीति और बढ़ती साख का प्रतिबिंब इस बार के मुख्य अतिथियों की सूची में भी दिखाई दिया। समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन उपस्थित रहे। विश्व के इन कद्दावर नेताओं की मौजूदगी भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रगाढ़ होते सामरिक और आर्थिक रिश्तों की नई इबारत लिख रही है। वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका अब और अधिक निर्णायक होती जा रही है।

AI तकनीक और अभेद्य सुरक्षा घेरा

सुरक्षा की दृष्टि से इस बार दिल्ली पुलिस ने तकनीक और जनशक्ति का बेजोड़ तालमेल पेश किया है। गणतंत्र दिवस पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए 30,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। सबसे खास बात यह है कि सुरक्षाकर्मी इस बार AI चश्मों से लैस हैं, जो फेस रिकग्निशन सिस्टम के जरिए भीड़ में छिपे संदिग्धों को तुरंत पहचान सकते हैं। पूरे क्षेत्र में 3,000 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी 30 कंट्रोल रूम से निरंतर की जा रही है।

सीमाओं पर सतर्कता और भारत पर्व

दिल्ली के साथ-साथ सीमाओं पर भी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। उत्तर प्रदेश से लगी 551 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी हाई अलर्ट पर है। डॉग स्क्वायड और फेस डिटेक्टर उपकरणों के माध्यम से गहन तलाशी ली जा रही है। खुफिया सूचनाओं के मद्देनजर जवान जंगलों और नदियों में निरंतर गश्त कर रहे हैं ताकि देश विरोधी तत्वों की किसी भी नापाक हरकत को नाकाम किया जा सके। वहीं, दिल्ली के लाल किले पर भारत पर्व का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे। यह महोत्सव 31 जनवरी तक चलेगा, जहां देश के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और व्यंजनों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

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