जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गुरु के नाम मात्र से ही हमें पवित्रता का एहसास होता है। गुरु हमारे जीवन से अज्ञानता के अंधकार को दूर करते है और हमें ज्ञानवान बनाते है। उन्होंने कहा कि गुरु ही सच्चाई का मार्ग दिखाने का कार्य करते हैं और वे हमारे शिक्षक, परामर्शदाता, मार्गदर्शक और सारथी होते हैं।
शर्मा शुक्रवार को सांगानेर के जीवाराम गुरुद्वारा व हरिहर मंदिर में अखिल भारतीय रामजन मण्डल की ओर से आयोजित विशाल धर्म सम्मेलन एंव सत्संग कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी गुरु-शिष्य परंपरा आत्मज्ञान की पूंजी को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सबसे बेहतर माध्यम है। आध्यात्मिक मन में सच्ची लगन एवं श्रद्धा से गुरु को कहीं भी पाया जा सकता है।
देश के विकास और विरासत से भारत विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर—
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं ने अपने शिष्यों के जीवन में बदलाव लाने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए अनुकरणीय विरासत स्थापित की है। उन्होंने कहा कि हमारी वैचारिक एवं सांस्कृतिक विरासत की विश्व में विशिष्ट पहचान है। इन्हीं आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परम्परा से भारत विश्वगुरु कहलाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश में विकास, सीमाओं की सुरक्षा से लेकर विश्व में भारत के बढ़ते गौरव के रूप में बदलाव आया है। देश के विकास और विरासत से भारत 21वीं सदी में विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है।
बड़े उत्साह से लोगों ने किया मुख्यमंत्री का अभिवादन—