रैली से पूर्व, सरजावाव दरवाजे के बाहर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस का पुतला जलाकर विरोध प्रकट किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं ने हाथों में तख्तियां थामे, "हिंदुओं पर जुल्म नहीं सहेगा हिंदुस्तान" के नारे लगाकर पूरे नगर को गूंजा दिया।
संतों का संबोधन
रामझरोखा मैदान में रैली से पूर्व आयोजित सभा में संत राजूगिरी महाराज ने अपने संबोधन में कहा, "अब समय आ गया है कि हिंदू समाज जातियों में बंटे बिना एकजुट हो जाए। बांग्लादेश की घटना से हमें समझना होगा कि अपनी रक्षा हमें स्वयं करनी होगी। कोई भी सरकार, पुलिस या सेना हमारी रक्षा के लिए नहीं आएगी, हमें अपना बचाव खुद करना होगा।"
रूपगिरी महाराज ने कहा, "हिंदू समाज को अपनी आपसी मतभेदों को भूलकर, विश्वभर में कहीं भी हो रहे हिंदू अत्याचार के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। बांग्लादेश में हिंदू बहन-बेटियों पर अत्याचार हो रहा है, मंदिरों को तोड़ा जा रहा है, और उन्हें जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस सबके बीच, बांग्लादेश का शासन-प्रशासन पूरी तरह से विफल साबित हुआ है।"
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन में उठाई गई मांगें
सर्व हिंदू समाज द्वारा राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि बांग्लादेश में तख्ता पलट के बाद, हिंदू समाज के खिलाफ षड्यंत्र रचते हुए बड़े पैमाने पर सामूहिक हत्याएं की जा रही हैं, उनकी संपत्तियों को नष्ट किया जा रहा है, और हिंदू महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के पूजा स्थलों को नष्ट किया जा रहा है और मूर्तियों को तोड़ा जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह सब बांग्लादेश को हिंदू विहीन करने के षड्यंत्र का हिस्सा है, जिसमें वहां की सेना और पुलिस भी शामिल हैं।
ज्ञापन में भारत सरकार से मांग की गई कि वह बांग्लादेश में हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए, और देश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या बांग्लादेशियों पर कड़ी कार्रवाई करे।
विपक्षी नेताओं को दी चेतावनी
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कुछ विपक्षी नेता गैर-जिम्मेदाराना बयानों के जरिए देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे बयानों से जेहादी मानसिकता को बढ़ावा मिलता है, जो भारत के लिए खतरनाक है। सर्व हिंदू समाज ने इन बयानों की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यदि भारत को अस्थिर करने की कोशिश की गई तो हिंदू समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा और इसके खिलाफ कड़ा कदम उठाएगा।
सभा में हिंदुओं से एकजुट रहने की अपील
जालोर जिला मुख्यालय पर बड़ी पोल के बाहर स्थित भक्त प्रह्लाद चौक में सुबह 8 बजे से लोग जुटना शुरू हो गए थे। वहां से साधु संतों, हिन्दूवादी संगठनों, व्यापारिक संगठनों के प्रमुखों ने आमजन को संबोधित किया।
उन्होंने हिन्दुओं से एकजुट रहने, हिन्दू समाज के हक के लिए घरों से बाहर निकलकर हिन्दूवादी संगठनों का साथ देने की अपील की। इसी तरह सिरोही में भी संगठनों ने हिन्दु संगठनों को एक होकर आगे आने की अपील की।
बांग्लादेश के खिलाफ नारेबाजी करते चले लोग
सभा के बाद लोगों का हुजूम रैली के रूप में भक्त प्रह्लाद चौक से रवाना हुआ। लोग बांग्लादेश और वहां की सेना के विरोध में नारेबाजी करते चल रहे थे। पंचायत समिति, तिलकद्वार व अस्पताल चौराहा से होते रैली जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे।
रैली का नेतृत्व सामतीपुरा रोड स्थित मोहननाथ महाराज, सुन्देलाव तालाब स्थित हनुमान मंदिर के पवन पुरी महाराज, मांडवला के शीलेश्वरी मंठ के विष्णु भारती महाराज ने किया।
सभी साधु-संत भी विरोध रैली में शामिल हुए। राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर पूजा पार्थ को ज्ञापन सौंपा गया।
जालोर जिले की भाद्राजून तहसील में भी मार्केट बंद रखे गए। पुलिस चौकी के पास हिन्दू समाज के लोगों ने सभा का आयोजन किया। सभा में बड़ी संख्या में लोग जुटे।
इसके बाद सभी रैली के रूप में रवाना होकर तहसीलदार कार्यालय पहुंचे। जहां बांग्लादेश की सेना के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया गया। तहसीलदार लादाराम पवार को प्रधानमत्री मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया।