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राजस्थान

जातिवादी राजनीति के खिलाफ जन स्वाभिमान मंच निकालेगा रथ यात्रा

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इस संबंध में जन स्वाभिमान मंच के संयोजक समताराम महाराज ने कहा कि इस मंच का निर्माण जनता का, जनता के लिए, जनता के द्वारा भयमुक्त राजनीति को विकसित करने के लिए किया गया है। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 इस संबंध में जन स्वाभिमान मंच के संयोजक समताराम महाराज ने कहा कि इस मंच का निर्माण जनता का, जनता के लिए, जनता के द्वारा भयमुक्त राजनीति को विकसित करने के लिए किया गया है। 
jan swabhiman manch will take out rath yatra against casteist politics
Raj Rishi Samtaram Maharaj

जयपुर | राजस्थान में विधानसभा चुनावों को लेकर गरमाती सियासत के बीच गुरूवार को सामाजिक संगठनों ने भी राजनीतिक संगठनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 

प्रदेश में राजनीतिक संगठनों के खिलाफ 21 से ज्यादा सामाजिक संगठनों ने मिलकर ’जन स्वाभिमान मंच’ का गठन किया है।

सभी ने ’जन स्वाभिमान मंच’ का संयोजक राज ऋषि समताराम महाराज को बनाया गया है। 

ये ’जन स्वाभिमान मंच’ आगामी दिनों में जातिवादी राजनीति, भ्रष्टाचार और महिला हिंसा के खिलाफ प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों पर रथ यात्रा निकालेगा।

ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव 2023 में आम जनता वोट के सुदर्शन चक्र का सही जगह इस्तेमाल करें।

इस संबंध में जन स्वाभिमान मंच के संयोजक समताराम महाराज ने कहा कि इस मंच का निर्माण जनता का, जनता के लिए, जनता के द्वारा भयमुक्त राजनीति को विकसित करने के लिए किया गया है। 

मंच का उद्देश्य राजस्थान की राजनीति से बदमाशों और अपराधियों को बाहर निकाला है। 

जाति के आधार पर मिलता है उम्मीदवारों को टिकट

समताराम महाराज ने कहा कि प्रदेश में लगातार जातिवादी राजनीति हावी हो रही है। अब राजनीतिक दल भी जाति के आधार पर ही उम्मीदवारों को टिकट देते हैं।

जिससे पूरे लोकतांत्र की धज्जियां उड़ रही है। ऐसे में जन स्वाभिमान मंच न सिर्फ राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों पर यात्रा निकलेगा बल्कि, आम लोगों को उनके अधिकारों के लिए जागरूक भी करेगा। 

उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकारी नौकरी हो या फिर राजनीतिक व्यवस्था हर जगह जातिवादी सोच का बोलबाला है। 

इन जगहों पर ऐसे लोग बैठे है जो सिर्फ वर्ग विशेष का ही विकास करने का काम कर रहे हैं और आम जरूरतमंद लोगों को दर-दर की ठोकर खाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 

राजस्थान की छोटी जातियां डर के साए में जी रही हैं। हर जगह जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है, लेकिन पीड़ितों की कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है।

ऐसे में इस मंच का प्रमुख उद्देश्य चुनाव से पहले राजस्थान में बढ़ती तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाना है। 

ये मंच राजस्थान के नवनिर्माण में एक अहम भूमिका निभाने और राजस्थान में लगातार बढ़ती जातिवादी, भ्रष्टाचारी व्यवस्था से आम जनता को निजात दिलाने के लिए अग्रसर है। 

मंच का उद्देश्य चुनाव लड़ना नहीं, सामाजिक व्यवस्था दुरुस्त करना है

इसी के साथ महाराज जी ने ये भी साफ कर दिया है कि इस मंच का उद्देश्य चुनाव लड़ना नहीं है। बल्कि, प्रदेश में बिगड़ी सामाजिक व्यवस्था को दुरुस्त करना है।

इस मूल मंत्र को साकार करने के लिए जन स्वाभिमान मंच अपने इन उद्देश्य के साथ जनता के बीच पहुंचेगा...

1 - भारतीय संविधान की रक्षा तथा सर्वधर्म समभाव की स्थापना।

2 - भारतीय संविधान द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति को दिए गए अधिकारों की रक्षा करना और दलितों पर हो रहे अत्याचार से पीड़ितों को राहत देनेे के लिए सरकार से दलित अत्याचार राहत कोष के गठन की मांग।

3 - देश में महिला सुरक्षा के लिए जितने भी कानून हैं उनकी पालना सुनिश्चित करवाना। 

4 -  जस्टिस जी. रोहिणी की अध्यक्षता में गठित रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाना। जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग की कमजोर जातियों को संरक्षण के लिए ओबीसी के वर्गीकरण की बात कही गयी है।

5 - राजस्थान विधानसभा में ईडब्ल्यूएस आरक्षण की सीमा को 10 से 14 फीसदी बढ़ाए जाने वाले बिल को लागू करवाने के साथ ही अन्य आरक्षित वर्गों की तरह ही ईडब्ल्यूएस वर्ग को भी पंचायती राज तथा अन्य निकाय चुनावों में आरक्षण की मांग।

6 - मूल ओबीसी की पंचायती राज में राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करवाना।

7  - मूल ओबीसी, ईडब्ल्यूएस वर्ग तथा अनुसूचित जाति-जनजाति के राजनीतिक, सामाजिक अधिकारों को दिलवाने के लिए मंच तैयार करना।

8 - जातिवाद और भेदभाव के विरुद्ध मुहिम, जातिवादी राजनेताओं द्वारा स्वजातीय अपराधियों के संरक्षण का सार्वजनिक विरोध करना।

9 - राष्ट्रीय दलों द्वारा जातिवाद और धनबल के आधार पर टिकट वितरण पर रोक और वोट की चोट के माध्यम से सीख देना।

10 - आने वाले विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ ही जातिवाद, क्षेत्रवाद और राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर अपने अधिकार और हक के लिए मतदान करना।

प्रदेश के इन सभी संगठनों के प्रबुद्धजन हुए शामिल

- राजऋषि समताराम महाराज
-  कर्नल राजेश शर्मा अध्यक्ष, विप्र फाउन्डेशन जॉन वन
-  नवीन शर्मा - अध्यक्ष, ऑल राज बजरी ट्रक आ. वेल सोसायटी
-  अरुण अग्रवाल सचिव, चेम्बर आफ कॉमर्स श्री खुर्शीद खान राष्ट्रीय महासचिव, श्रत्रिम -  मुलनिवासी महासंघ
-  फारूख खान सम्पादक, इकरा पत्रिका
- अनवर शाह साहब भूतपूर्व सचिव, जामा मस्जिद जयपुर
-  गोपाल गुर्जर पूर्व उप्रधान, मालपूरा
- दौलतराम पेसिया (कुमावत )
-  मुकेश मेघवाल, मेघवाल महासभा
-  जुगराज बावरी अखिल भारतीय बावरी समाज मन्दिर राष्ट्रीय संस्था, पुष्कर
-  अशोक सैन, मारवाड माली महासभा
-  बाबूलाल माली, रामलाल माली मारवाड माली महासभा
-  श्रवण खीची- प्रदेशाध्यक्ष अनुसुचित जाति चेतना समिति
- बलराज खानचंदानी अध्यक्ष पूज्य पंचायत सिन्धी कॉलोनी बनीपार्क संस्था, जयपुर
-  रज दियलानी महासचिव पूज्य पंचायत सिन्धी कॉलोनी, संस्था, जयपुर
-  बाबूराम राष्ट्रीयसचिव, अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ
-  हरिप्रकाश, जिलाअध्यक्ष, अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ
-  महिपाल सिंह मकराना, श्री राजपूत करणी सेना
-  सुखदेव सिंह, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना
- यूनुस चौपदार मुस्लिम परिषद संस्थान
-  कुलदीप सिंह बारहठ अध्यक्ष, श्री करणी संघ मंप
-  कालूलाल भील प्रदेशाध्यक्ष राज, आदिवासी भील संवैधानिक जन जा. मोर्चा
-  हरिशकर भील प्रदेशमहासचिव राज आदिवासीभील संवैधानिक जन जा. मोर्चा
-  रामस्वरूप भील तह, अध्यक्ष राज. आदिवासीभील संवैधानिक जन जा. मोर्चा राष्ट्रीय - अध्यक्ष, राष्ट्रीय नाई महासभा

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