जयपुर | राज्यपाल कलराज मिश्र ने कानून की शिक्षा का अधिकाधिक भारतीयकरण किए जाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि विधि विश्वविद्यालयों को चाहिए कि वे कानून की शिक्षा के अंतर्गत संविधान में आस्था रखते हुए नागरिकों के समान अधिकारों के लिए कार्य करने के लिए विद्यार्थियों को तैयार करें।
उन्होंने संसद में पारित तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय सक्षम अधिनियम की भी चर्चा की और कहा कि ब्रिटिश काल से चले आ रहे कानूनों के स्थान पर इन कानूनों के आने से देश में विधिक क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन हुआ है।

राज्यपाल कलराज मिश्र बुधवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विधि शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षकों से आग्रह किया किे वे पाठ्यपुस्तकों के साथ जन-कल्याण से जुड़े नवीनतम कानूनों के बारे में भी विद्यार्थियों को निरंतर अद्यतन करे। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर संविधान निर्माता ही नहीं थे बल्कि बहुत बड़े विधिवेता भी रहे हैं। उनके जीवन आलोक में संविधान-संस्कृति से जुड़ी शिक्षा के प्रसार के लिए कार्य हो।
