जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अभिनव पहल और निर्देशों पर राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने और उनको नियमित रूप से आजीविका का अवसर दिलाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की पहल के रूप में "कल्चरल डायरीज श्रृंखला" शुरू की गई है। जिससे राजस्थान की कला व संस्कृति से पूरी दुनिया परिचित होगी।
इसी श्रृंखला में आयोजित पहली सांस्कृतिक संध्या के दूसरे दिन शनिवार (16 नवम्बर) को रामनिवास बाग स्थित गुलाबी शहर के ह्दयस्थल अल्बर्ट पर जैसे-जैसे शाम ढलने लगी वैसे-वैसे पष्चिमी राजस्थान के विश्वप्रसिद्ध लंगा-मांगणियार कलाकारों का गायन-वादन श्रोताओं के सिर चढ़कर बोला।
बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र के प्रसिद्ध लंगा-मांगणियार कलाकारों ने गायन-वादन की प्रस्तुतियों से वातावरण गुंजायमान कर दिया। लोक गायकी के इन सुरीले हुनरबाज कलाकारों ने अपनी मधुर स्वर लहरियों से श्रोताओं मंत्रमुग्ध कर दिया। गायन वादान के बेहतरीन संयोजन से श्रोतागण झूम उठे। वंस मोर... वंस मोर की ध्वनियां हर प्रस्तुति के बाद गूंजने लगी। दर्शकों की डिमांड पर प्रसिद्ध लोक गीत "निम्बूड़ा" की आकर्षक प्रस्तुति दी गई।
पर्यटन विभाग की ओर से जयपुर फाउंडेशन के संयोजन में लंगा-मांगणियार कलाकारों ने एक से एक अद्भुत लय ताल के साथ कर्णप्रिय गीतों से कल्चरल डायरीज के पन्नों पर यादगार छाप छोड़ दी।