भगत की कोठी से हैदराबाद के काचीगुड़ा जा रही ट्रेन संख्या 17606 के एसी कोच के ऊपर लगी विद्युत लाइन में अचानक आग की लपटें उठने लगीं।
यह घटना रात लगभग 2 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर हुई जब ट्रेन अपनी निर्धारित ठहराव के लिए वहां खड़ी थी।
आग लगने की खबर फैलते ही स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया।
स्थिति गंभीर होती जा रही थी और बड़ा नुकसान होने की आशंका बढ़ रही थी।
रेलवे कर्मचारी चंदनसिंह गुर्जर की बहादुरी ने बचाई जान
इस संकटपूर्ण स्थिति में, मौके पर मौजूद रेलवे कार्मिक चंदनसिंह गुर्जर ने असाधारण सूझबूझ और तत्परता का परिचय दिया।
उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए सबसे पहले प्रभावित एसी कोच को खाली करवाया ताकि अंदर मौजूद सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसके बाद, बिना एक पल भी गंवाए, चंदनसिंह गुर्जर खुद कोच के ऊपर चढ़ गए और अपने पास मौजूद अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) की मदद से आग पर काबू पाया।
उनकी इस बहादुरी और त्वरित प्रतिक्रिया ने न केवल आग को फैलने से रोका बल्कि सैकड़ों यात्रियों की जान भी बचाई और एक बड़े हादसे को टाल दिया।
जांच के आदेश और रेलवे प्रशासन की सतर्कता
आग बुझने के बाद, सभी यात्रियों ने गहरी राहत की सांस ली और चंदनसिंह गुर्जर की सराहना की।
मौके पर पहुंचे रेलवे प्रशासन ने पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली और प्रभावित कोच की गहन सुरक्षा जांच की।
आवश्यक जांच और सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरे होने के बाद ही ट्रेन को आगे के गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
फिलहाल विद्युत लाइन में आग लगने के कारणों का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है, जिसके चलते रेलवे विभाग ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।