जयपुर, 19 जुलाई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने महंगाई के बावजूद आमजन को राहत पहुंचाने के लिए बजट में वृद्धि की है और इसे 'विकसित राजस्थान-2047' के लक्ष्य के अनुरूप बनाया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संचालन के लिए राज्य सरकार ने विभाग के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 30 प्रतिशत की वृद्धि की है।
गहलोत ने गुरुवार को विधानसभा में मांग संख्या-31 (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग) की अनुदान मांगों पर हुई बहस का जवाब दिया। इस बहस के बाद सदन ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की 1 खरब 18 अरब 72 करोड़ 89 लाख 37 हजार रुपये की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
मंत्री गहलोत ने बताया कि राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विकास और सशक्तीकरण के लिए एससीएसपी और टीएसपी फंड्स को 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये किया है। इसके साथ ही, आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के युवाओं को रोजगार, बालिकाओं को संबल तथा परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए पहली बार 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए अनुजा निगम और अन्य पिछड़ी जाति विकास निगम के माध्यम से इस वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। पहली बार अनुजा निगम के माध्यम से ईडब्ल्यूएस को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।