अलवर | राजस्थान कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले चल रहे घमासान को लेकर पूरे देश में चर्चा बनी हुई है।
कांग्रेस आलाकमान को भी इस बात का डर सता रहा है कि कहीं राजस्थान में भी पंजाब जैसा हाल न हो जाए।
प्रदेश में जहां सीएम अशोक गहलोत अपने साढ़े चार साल के कामकाज का गुणगाण करते हुए लोगों के बीच पहुंच रहे हैं और उनका समर्थन जुटाने की कोशिश में लगे हैं।
वहीं दूसरी ओर, करीब साढ़े चार साल से ही राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर बार-बार आंदोलन कर रहे पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट अब बगावत पर उतर कर अपनी ही सरकार के लिखाफ सड़कों पर पैदल मार्च निकाल रहे हैं।
ऐसे में कुछ लोगों का ये भी कहना है कि पायलट इस तहर से खुद का शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसी बीच आज केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने गहलोत और पायलट दोनों को ही निशाने पर ले लिया है। कांग्रेस आज प्रदेश में आपस में ही कुर्सी की लड़ाई लड़ रही है।
मंत्री भूपेंद्र यादव शनिवार को अलवर जिले में पहुंचे। यहां उन्होंने एक किसान सम्मेलन को संबोधित किया।
इस दौरान मंत्री यादव ने गहलोत सरकार पर तो जमकर हमला बोला ही साथ पायलट को भी लपेटे में लिया।
गहलोत और सचिन पायलट दोनों एक दूसरे से मिले हुए हैं। राजस्थान में 6 महीने बाद विधानसभा चुनाव है, जनता इनको हटाएगी तब पता चलेगा।
उन्होंने ये भी कहा कि गहलोत सरकार में ‘भ्रष्टाचार तुम करो, और आंदोलन भी तुम करो’ का खेला चल रहा हैं।
आगामी चुनाव में जनता एक काम करने वाली है वो कमल का बटन दबाएंगी और भ्रष्टाचार की सरकार को हटाएगी।
महंगाई राहत शिविर से जनता को बना रहे बेवकूफ
भूपेंद्र यादव ने गहलोत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि गहलोत महंगाई राहत शिविर लगा रहे हैं लेकिन देश में सबसे ज्यादा महंगा पेट्रोल-डीजल बेच रहे हैं।
राजस्थान में सबसे अधिक वेट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य की जनता से वसूल रहे हैं।
महंगाई राहत शिविर लगाना तो केवल जनता को बेवकूफ बनाना है।