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राजस्थान

केमिकल (इंडस्ट्रियल) डिजास्टर से निपटने की तैयारी

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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रि.) ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक हकीकत है

HIGHLIGHTS

  1. 1 राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रि.) ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक हकीकत है जिससे सम्पूर्ण पृथ्वी प्रभावित हो रही है। तेज़ी से बढ़ते औद्योगिकीकरण से भारत में भी केमिकल डिजास्टर जैसी आपदाओं की संभावनाए बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इन आपदाओं से बचाव के लिए केंद्र व राज्य के सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स को तैयार रहना होगा
mock exercise on 10th october
केमिकल (इंडस्ट्रियल) डिजास्टर से निपटने की तैयारी

जयपुर। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश के 4 जिलों  जयपुर, अलवर, जोधपुर एवं बाड़मेर में केमिकल (इंडस्ट्रियल) डिजास्टर की राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज आगामी 10 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी।

इस मॉक एक्सरसाइज से पूर्व मंगलवार को शासन सचिवालय में टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया जिसमें केंद्र व राज्य सरकार के स्टेकहोल्डर्स के बीच समन्वय, एक्सरसाइज तैयारियों का मूल्यांकन, उनके कर्तव्यों के बारे में स्पष्टता एवं इंसिडेंट रेस्पोंस सिस्टम के बारे में जानकारी दी गयी। 

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रि.) ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक हकीकत है जिससे सम्पूर्ण पृथ्वी प्रभावित हो रही है। तेज़ी से बढ़ते औद्योगिकीकरण से भारत में भी केमिकल डिजास्टर जैसी आपदाओं की संभावनाए बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इन आपदाओं से बचाव के लिए केंद्र व राज्य के सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स को तैयार रहना होगा।  

लेफ्टिनेंट जनरल सैयद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता है कि देश में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विनिर्माण के साथ आपदाओं से निपटने की भी प्रभावी कार्यप्रणाली विकसित हो। उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रदेश गैस, पेट्रोलियम, केमिकल, खनिज आदि सम्पदा से परिपूर्ण है लेकिन यहाँ जलवायु, हीटवेव, बाढ़, वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण केमिकल डिजास्टर का खतरा बना रहता है।

इसलिए राज्य को इन आपदाओं से निपटने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन जैसी तकनीकों को विकसित करने के साथ विद्यालयों, अस्पतालों में भी जागरूकता पर कार्य करने की आवश्यकता है।  

आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में केमिकल डिजास्टर की कई घटनाएं हुई हैं।

इन घटनाओं को रोकने के लिए घटित आपदाओं के कारणों की समीक्षा कर विस्तृत कार्ययोजना के तहत मॉक एक्सरसाइज की जा रही है। उन्होंने बताया कि जयपुर में गेल इंडिया लिमिटेड राजावास, बाड़मेर में वेदांता लिमिटेड, अलवर में लॉर्ड्स क्लोरो अल्कली लिमिटेड (मत्स्य इंडस्ट्रियल एरिया) और जोधपुर में उमा पोलिमर्स में यह मॉक एक्सरसाइज होगी। इसके लिए सम्बंधित विभागों की जिम्मेदारियां सुनिश्चित की गयी हैं। 

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सीनियर कंसलटेंट ब्रिगेडियर रवीन्द्र गुरंग (रि.) ने टेबल टॉप एक्सरसाइज का प्रस्तुतिकरण दिया। आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव भगवंत सिंह ने लेफ्टिनेंट जनरल सैयद को इस मॉक के आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

बैठक में वित्त, पीडब्लूडी, पीएचइडी, स्वायत्त शासन, उद्योग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवहन, फैक्ट्री एवं बॉयलर्स, पुलिस, गृह, बिजली, श्रम, प्रदूषण  नियंत्रण, कारखाना एवं बॉयलर्स आदि विभागों के अधिकारी तथा भारतीय सेना, उ. प. रेलवे, भारत संचार निगम लिमिटेड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ आदि के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही जयपुर, अलवर, बाड़मेर, जोधपुर के जिला कलेक्टर व सम्बंधित अधिकारी वर्चुअली जुड़े।

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