गौरतलब है कि इस साल देश में मानसून की एंट्री भले ही देरी से हुई हो, लेकिन बंगाल की खाड़ी से आई पूर्वी हवाओं ने मानसून को गति दी है और समय पर आगे बढ़ाया है।
राजस्थान में भी मानसून की एंट्री के लिए ये हवा अनुकूल रही।
इसी कारण राजस्थान में लगातार दूसरे साल मानसून की एंट्री पूर्वी राजस्थान से हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में मानसून लाइन उदयपुर, अजमेर, सीकर से होकर गुजर रही है।
भरतपुर, अलवर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, धौलपुर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ में मानसून एक्टिव हो गया है।
हालांकि मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, राजस्थान में मानसून के पूरी तरह से एक्टिव होने में 2 से 4 दिन का समय लग सकता है।
मौसम विभाग की माने तो 26 से 28 जून के दौरान पूर्वी राजस्थान में कई स्थानों पर भारी व अति भारी बारिश हो सकती है।
वहीं पश्चिमी राजस्थान में 25 से 27 के बीच मध्यम बारिश की संभावना है।
फेल हुई मौसम विभाग की भविष्यवाणी
बता दें कि राजस्थान में इस बार मानसून के देरी से आने की भविष्यवाणी की गई थी, लेकिन ये फेल हो गई।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी को फेल करते हुए मानसून राज्य में प्रवेश कर गया है।
राजस्थान में मानसून की एंट्री सामान्यतः 24 जून मानी जाती है। ऐसे में मानसून केवल एक दिन देरी से पहुंचा है।
बता दें कि पिछले साल मानसून ने 30 जून को राजस्थान में दस्तक दी थी।