उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भी राज्य में पीएम (PM) किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को 6 हजार रुपए के प्रति वर्ष 2 हजार रुपए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देने का निर्णय किया है। इससे राज्य पर प्रतिवर्ष 1300 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा।
किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री (PM) ने कहा कि 21वीं सदी के भारत को दुनिया की तीसरी आर्थिक शक्ति बनाने में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हमें दलहन तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर और कृषि निर्यात में अग्रणी बनना है।
मोदी ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (One District One Product) और जिला स्तर पर एक्सपोर्ट हब (export hub) बनने से निर्यात बढ़ रहा है और देश के विभिन्न क्षेत्रों के कृषि उत्पाद विदेशी मार्केट (foreign market) में पहुंच रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा सपना है कि दुनिया की हर डाइनिंग टेबल (dining table) पर भारत का कोई न कोई फूड प्रोडक्ट (food product) मौजूद हो, इसलिए हमें खेती में भी जीरो इफेक्ट जीरो डिफेक्ट (zero effect zero defect) के मंत्र को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि पीएम (PM) किसान समृद्धि केंद्रों के माध्यम से किसानों के लिए एक बड़ा सपोर्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है।
विकसित भारत का मजबूत स्तंभ किसान, नौजवान, नारी शक्ति और गरीब
उन्होंने कहा कि पीएम (PM) किसान सम्मान निधि आज दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम (Direct Benefit Transfer Scheme) बन चुकी है। इससे पूर्व इस योजना की 16 किस्तों के रूप में किसानों के खातों में 3.04 लाख करोड रुपए की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कृषि सखियों के रूप में प्रशिक्षित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 30,000 से अधिक महिलाओं को पैरा एक्सटेंशन वर्कर (para extension worker) के रूप में कार्य करने के लिए प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल मती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश (UP) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी सहित यूपी (UP) सरकार के मंत्रीगण और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
साथ ही देशभर से 732 कृषि विज्ञान केंद्रों, 1 लाख से अधिक प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और देश भर के 5 लाख कॉमन सर्विस सेंटरों से जुड़े 2.5 करोड़ से अधिक किसान वीसी (VC) के माध्यम से शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना फरवरी, 2019 में शुरू की गई जिसमें प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से देश भर के किसानों के परिवारों के बैंक खातों में हर चार महीने में दो- दो हजार रुपए की तीन बराबर किस्तों में 6 हजार रुपये प्रति वर्ष का वित्तीय लाभ हस्तांतरित किया जाता है।
प्रधानमंत्री (PM) ने कहा कि किसान नौजवान नारी शक्ति और गरीब विकसित भारत का मजबूत स्तंभ है। इन्हीं को केंद्र में रखकर उन्होंने अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत की है। सरकार का गठन होते ही पहला फैसला किसान और गरीब हित में किया गया है।