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राजस्थान

दूरबीन से ऑपरेशन कर युवक के पेट से निकाली कीले, नट-बोल्ट और सुई, जो मिलता वो खा लेता था,घरवालों ने दर्द होने पर करवाई जाँच

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जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS hospital) के डॉक्टरों ने दूरबीन से एक युवक के पेट का ऑपरेशन कर पेट से लोहे की 10 किले, 8 सुई, चाबी व नट-बोल्ट निकाले हैं। युवक अब पूर्ण रूप से स्वस्थ है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 युवक के पेट में लोहे की बहुत सारी चीजें जमा है, जो बड़ी आंतों तक पहुंच गई है। ऐसे में टीम ने इमरजेंसी में चीरे ना लगाकर दूरबीन से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। युवक की मानसिक स्थिति थोड़ी कमजोर होने के कारण वह लोहे की चीजें निगल लिया करता था।
nails nuts bolts and needles were removed from the young mans stomach after an operation through binoculars. he used to eat whatever he got. when he felt pain his family members got him checked
दूरबीन से ऑपरेशन कर युवक के पेट से निकाली कीले, नट-बोल्ट और सुई
जयपुर | जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS hospital) के डॉक्टरों ने दूरबीन से एक युवक के पेट का ऑपरेशन कर पेट से लोहे की 10 किले, 8 सुई, चाबी व नट-बोल्ट निकाले हैं। युवक अब पूर्ण रूप से स्वस्थ है।
 
सीनियर प्रोफेसर यूनिट हैड डॉ. राजेन्द्र मांडिया (Dr.rajendra mandiya) ने बताया कि 6 मई को अलवर से एक युवक रेफर होकर जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में आया था। उस वक्त युवक के पेट में तेज दर्द हो रहा था। परिजनों ने बताया कि वह लोहे की कीलें, सूइयां और सिक्के खा गया।
उसके बाद डॉ. सुभाष (Dr.subhash), डॉ. इशांत कुमार साहू (Dr.ishant sahu) व डॉ. कार्तिक सैनी (Dr.kartik sain) की टीम बनाई और एक्सरे व सीटी स्कैन जांचें की गई।
 
जांच में पता चला कि युवक के पेट में लोहे की बहुत सारी चीजें जमा है, जो बड़ी आंतों तक पहुंच गई है। ऐसे में टीम ने इमरजेंसी में चीरे ना लगाकर दूरबीन से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
हालांकि दूरबीन से ऑपरेशन करना काफी जटिल और चैलेंजिंग था। फिर डॉक्टरों ने डॉ. मांडिया के नेतृत्व में बिना किसी कॉम्पलिकेशन के 3 घंटे में सफल ऑपरेशन किया।
 
पीड़ित युवक मूलत 
 
रेवाड़ी का रहने वाला था। युवक की मानसिक स्थिति थोड़ी कमजोर होने के कारण वह लोहे की चीजें निगल लिया करता था। दर्द हुआ तो घरवालों ने जांच करवाई और अलवर अस्पताल मे भर्ती करवाया, जहां से 6 मई को जयपुर रेफर कर दिया। यहां आने पर तुरंत ऑपरेशन किया गया। पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद उसे छुट्टी दे दी।
 
लेप्रोस्कोपी (laparoscopy) से पेट को खोलकर अंदर की सारी कील, सुई, चाबी व नट-बोल्ट निकाला और बाद में दूरबीन से ही पेट को टांकों की मदद से बंद किया गया। युवक के पेट से निकाली गई किले अलग-अलग साइज की हैं।

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