एक जुलाई से शुरू होकर 31 अगस्त तक चलने वाली बाबा बर्फानी की यात्रा में इस बार 13 साल से कम या 75 साल से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति को जाने की मंजूरी नहीं दी जाएगी।
इसी के साथ 6 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था वाली किसी भी महिला को भी यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नए नियमों के मुताबिक पिछले साल की मैन्युअल प्रक्रिया की बजाय इस बार यात्रियों के लिए आधार प्रमाणीकरण आधारित फॉर्म जनरेशन सिस्टम बनाया गया है।
पिछले साल तक यात्रियों को फॉर्म मैन्युअल रूप से दिए जाते थे, लेकिन अब फॉर्म सिस्टम जनरेट किए जाएंगे।
यात्रा पर जाने वाले सभी यात्रियों के लिए डॉक्टरों से स्वास्थ्य प्रमाणपत्र हासिल करना जरूरी है।
आपकों बता दें कि अमरनाथ की सालाना तीर्थयात्रा के लिए पंजीकरण 17 अप्रैल से शुरू हो गया था।
स्वास्थ्य कारणों से नहीं मिलेगी अनुमति
बाबा बर्फानी की यात्रा भारत में सबसे कठिन यात्रा मानी जाती है। यहां दो रास्तों से पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचा जाता है।
पहला रास्ता 48 किलोमीटर लंबा है जो दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में पहलगाम के जरिये होता हुआ जाता है।
दूसरा रास्ता कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल होता हुआ जाता है जो 14 किलोमीटर लंबा है, लेकिन बेहद खड़ी चढ़ाई वाला मार्ग है।
बाबा की गुफा तक पहुंचने के लिए यात्रियों को पैदल चलना होता है। इसके अलावा पालकी, खच्चर और कंडी भी ली जा सकती है।
बार-बार बदलते मौसम और अत्यधिक ऊंचाई पर होने के कारण यहां ऑक्सीजन का लेवल कम रहता है। जिससे बुजुर्गों और बच्चों को स्वास्थ्य समस्याएं होने का ज्यादा खतरा रहता है।
ऐसे में इन उम्र के तमाम लोगों को अमरनाथ यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी।