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राजस्थान

ओबीसी आरक्षण के बिना निकाय-पंचायत चुनाव संभव नहीं: खर्रा

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राजस्थान (Rajasthan) के नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा (Jhabar Singh Kharra) ने सीकर (Sikar) के लक्ष्मणगढ़ (Lakshmangarh) में कहा कि ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) के बिना नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव (Panchayat Election) संभव नहीं हैं।

HIGHLIGHTS

  1. 1 ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित किए बिना नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव संभव नहीं। मंत्री खर्रा ने कांग्रेस पर बिना आरक्षण चुनाव कराने का आरोप लगाया। राज्य पिछड़ा आयोग का आंकड़ा जुटाना और मतदाता सूची का अंतिम रूप देना लंबित। नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव सभी प्रक्रियाओं के बाद एक साथ करवाए जाएंगे।
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jhaba singh kharra

सीकर: राजस्थान (Rajasthan) के नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा (Jhabar Singh Kharra) ने सीकर (Sikar) के लक्ष्मणगढ़ (Lakshmangarh) में कहा कि ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) के बिना नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव (Panchayat Election) संभव नहीं हैं।

नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मंगलवार को सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने दो-टूक कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को सुनिश्चित किए बिना राज्य में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव कराना किसी भी सूरत में संभव नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनावों की संभावित देरी को लेकर राजनीतिक गलियारों में गरमागरमी है।

सरदार पटेल जयंती पर बयान

मंत्री खर्रा का यह बयान लक्ष्मणगढ़ के रामलीला मैदान में आया। वे सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित एकता पदयात्रा में शामिल हुए। उन्होंने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और लोगों को संबोधित किया। यह पदयात्रा रामलीला मैदान से शुरू होकर श्री भगवानदास तोदी महाविद्यालय पहुंची। अपने संबोधन में मंत्री खर्रा ने सरदार पटेल के योगदान को याद किया, लेकिन मुख्य केंद्र कांग्रेस द्वारा ओबीसी आरक्षण को लेकर फैलाए जा रहे 'भ्रम' और चुनावों की तैयारियों पर रहा।

चुनावी प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट

मंत्री खर्रा ने विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को खारिज करते हुए राज्य सरकार का स्टैंड साफ किया। उन्होंने नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की देरी की वास्तविक वजहें बताईं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सितंबर में ही चुनाव संबंधी नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया में दो मुख्य कार्य अभी लंबित हैं।

राज्य पिछड़ा आयोग को पिछड़ा वर्ग की आबादी के आंकड़े जुटाने का कार्य पूरा करना है। ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है। साथ ही, राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा मतदाता सूची का अंतिम रूप तैयार होना बाकी है। यूडीएच मंत्री ने जोर देकर कहा कि इन सभी प्रक्रियाओं के बाद ही, नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव एक साथ करवाए जाएंगे।

कांग्रेस पर आरोप

इस मौके पर मंत्री खर्रा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह चाहती है कि ओबीसी आरक्षण के बिना ही चुनाव हों। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि बीजेपी सरकार ऐसा नहीं होने देगी। सरकार ओबीसी आरक्षण की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है, भले ही इसमें कुछ समय लगे।

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