जयपुर । राजस्थान जन आधार प्राधिकरण के अतिरिक्त महानिदेशक विनेश सिंघवी की अध्यक्षता में योजना भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सिंघवी ने बताया कि राजस्थान जन आधार प्राधिकरण अधिनियम, 2020 के अनुसार राज्य निधि से संचालित योजना के लाभ का न्यूनांश भी लाभार्थी को देय है साथ ही अधिसूचित योजनाओं के लाभ जन आधार प्लेटफॉर्म के माध्यम से दिए जाने का प्रावधान है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डीबीटी योजनाओं के अन्तर्गत लाभ प्रदान करने के लिए लाभार्थी का जन आधार अधिप्रमाणन किया जाए और प्रदान किये जाने वाले लाभों एवं सेवाओं के ट्रांजेक्शनस को राज्य के डीबीटी पोर्टल ‘‘जन आधार पोर्टल‘‘ से साझा किया जाए।
बैठक में राजस्थान जन आधार प्राधिकरण के संयुक्त निदेशक सीताराम स्वरुप ने डीबीटी की महत्ता को समझाते हुए बताया कि इससे लाभार्थियों की सटीक पहचान एवं लाभार्थियों को सेवाओं का लाभ उठाने में आसानी हुई है इसके साथ ही सत्यापन और लाभ वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता व लीकेज पर अंकुश से भ्रष्टाचार में कमी और जवाबदेही में वृद्धि हुई है।