इसके लिए राजस्थान सरकार ने मुख्य सचिव को आरपीएससी, डीपीओ, आरएसएसबी और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर बेहतर प्रक्रिया तैयार करने का निर्देश दिया है।
सीएम गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि...
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि, राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि आरपीएससी, डीपीओ, आरएसएसबी एवं अन्य हितधारकों के साथ चर्चा कर बेहतर प्रक्रिया तैयार करें।
पेपर लीक के खिलाफ बनाए गए कानून में भी अधिकतम सजा का प्रावधान उम्रकैद करने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में बिल लाने का फैसला किया है।
विपक्षी पार्टियां लगातार गहलोत सरकार को निशाना बनाने में लगी हुई है। वहीं सीएम गहलोत को उन्हीं के मंत्री और विधायकों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि राजस्थान में 2021 में आयोजित हुई रीट परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इस परीक्षा में 26 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे।
इसके बाद तीन और परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामलों ने राजस्थान को पूरे देश की सुर्खियों में ला दिया था।
प्रदेश में करीब 10 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले सामने आए है। जिनमें से कई परीक्षाओं को तो रद्द करना सरकार की मजबूरी हो गई थी।