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भारत

कोर्ट का फैसला सुनते ही रोने लगा गैंगस्टर अतीक अहमद

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उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद उसके करीबी शौकत हनीफ और दिनेश पासी को आईपीसी की धारा 364 ए के तहत दोषी पाया गया। विशेष अदालत ने बाकी सभी आरोपियों को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया।

HIGHLIGHTS

  1. 1 उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद उसके करीबी शौकत हनीफ और दिनेश पासी को आईपीसी की धारा 364 ए के तहत दोषी पाया गया। विशेष अदालत ने बाकी सभी आरोपियों को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया।
prayagraj mp mla court pronounces mafia atiq ahmed and ashraf guilty in umesh pal kidnapping case
Atiq Ahmed

प्रयागराज | Umesh Pal Kidnapping Case: अपने आतंक से लोगों को डराने वाला गैंगस्टर खुद लोगों के सामने रोने लगा। 

मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में जब उमेश पाल अपहरण मामले में गैंगस्टर अतीक अहमद को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई तो वह रोने लग गया। अतीक के भाई अशरफ को भी कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया है। 

उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद उसके करीबी शौकत हनीफ और दिनेश पासी को आईपीसी की धारा 364 ए के तहत दोषी पाया गया। विशेष अदालत ने बाकी सभी आरोपियों को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया। बता दें कि 364ए के तहत उम्रकैद, सजा-ए मौत और जुर्माना की सजा का प्रावधान है।

उमेश पाल अपहरण केस की सुनवाई में जज दिनेश चंद्र ने फैसला सुनाया। वहीं, अतीक अहमद के वकील के तौर पर दयाशंकर मिश्र उपस्थित रहे।

आज सुबह अतीक अहमद को पेशी के लिए कोर्ट रूम में लाया गया। ऐसे में पूरा कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।

हाई सिक्योरिटी के तहत अतीक और उसके भाई अशरफ को नैनी सेंट्रल जेल से ले आया गया। दोनों को अलग-अलग प्रिजन वैन से कोर्ट में लाया गया।

बता दें कि, प्रयागराज में 2005 में बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके दो सुरक्षा कर्मियों की दिनदहाड़े गोली मारकर इसी 24 फरवरी को हत्या कर दी गई थी। 

आपको बता दें कि, यूपी के उमेश पाल मर्डर केस में मुख्य आरोपी अतीक अहमद को गुजरात से बीते दिन ही यूपी लाया गया था। जिसके बाद उसे भी यूपी पुलिस से एनकाउंटर का डर सता रहा था। उसे भी डर था कि, अन्य गैंगस्टर की तरह कहीं उसकी भी गाड़ी नहीं पलट जाए और उसका भी एनकाउंटर नहीं हो जाए, हालांकि, ऐसा हुआ नहीं।

अतीक अहमद को तो किसी वीआईपी की तरह बड़ी सिक्युरिटी के साथ गुजरात से यूपी लाया गया था। यूपी लेकर जा जाते समय पुलिस की टीम में पांच आईपीएस स्तर के अफसर मौजूद रहे। 40 पुलिस के जवानों के पास ऑटोमैटिक हथियार मौजूद थे।

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