रोहित अस्पताल की निदेशक, डॉक्टर शैलजा जैन ने छात्राओं से संवाद करते हुए उनकी दैनिक स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बात की और योग एवं स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रिंसिपल नीलू आर्य मटोरिया और शिक्षिकाएं सरोज वर्मा, अंजलि वत्स और मनोज सावरिया ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग दिया।

धावास स्थित महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता की जानकारी प्रदान की गई और उन्हें किट्स वितरित की गईं।
यहां प्रधानाचार्य हनुमान सहाय मीणा की उपस्थिति में छात्राओं के सवालों के उत्तर दिए गए और किशोरी क्लब की स्थापना की गई। इसी प्रकार मीनावाला स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी प्रोजेक्ट किशोरी के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानाचार्य सुनीता महला और शिक्षिकाएं बिमला सैनी और रजनी शर्मा ने सक्रिय भूमिका निभाई।
उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी की विशेष पहल
इस पहल की शुरुआत उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा 17 अगस्त को जयपुर में की गई थी। प्रोजेक्ट किशोरी का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व से अवगत कराना और इस विषय से जुड़े सामाजिक संकोच को समाप्त करना है।

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विस्तृत चर्चा
प्रजना फाउंडेशन की संस्थापक, प्रीति शर्मा ने स्कूलों में बालिकाओं से संवाद किया और उन्हें मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के उपायों के बारे में बताया। उन्होंने स्वच्छता की अनदेखी से होने वाले स्वास्थ्य खतरों और समाज में मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को भी चुनौती दी। इस मौके पर बालिकाओं को विशेष स्वच्छता किट्स प्रदान की गईं, जिनमें मासिक धर्म के दौरान जरूरी उत्पाद शामिल थे।

प्रोजेक्ट किशोरी का उद्देश्य और महत्व
प्रीति शर्मा ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता की कमी के कारण किशोरियों को कई बार स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है और वे सामाजिक संकोच के चलते इस बारे में खुलकर बात नहीं कर पातीं। प्रोजेक्ट किशोरी का उद्देश्य इन सामाजिक बाधाओं को दूर करते हुए बालिकाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।