जयपुर | अरब सागर से उठा चक्रवाती तूफान बिपरजॉय गुजरात में तबाही मचाने के बाद कमजोर होता हुआ राजस्थान में आया और यहां उसने मानसून से पहले ही नदी-नालों को उफान दिया।
तूफान के असर से प्रदेश के कई जिलों में जोरदार बारिश से कई बांध छलक उठे और पानी घरों तक में जा घुसा।
सबसे ज्यादा बांध पाली और सिरोही में ओवरफ्लो हुए हैं। राजधानी जयपुर में भी दो छोटे बांधों पर चादर चली है।
तूफान के चलते राज्य के पाली, सिरोही, राजसमंद, बाड़मेर जिलों में बारिश से हालात अभी भी खराब बने हुए हैं।
अजमेर में लगातार दो दिन में लगभग 10 इंच बारिश दर्ज की गई जिससे जून में 116 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
बिपरजॉय ने भले ही गुजरात में कोहराम मचाया, राजस्थान में जन जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया हो, लेकिन इसने मानसून से पहले ही प्रदेश के 56 बांधों को भी लबालब कर दिया है।
पश्चिमी राजस्थान का बाड़मेर जहां पानी की बूंद-बंूद के लिए लोग तरसते हैं वहां इसने नदियां और झरने चला दिए हैं।
पिछले 3 दिन हुई बारिश से प्रदेश के बांधों में 660.58 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी आ गया। असर भाषा में कहे तो इतना पानी आया है कि, बीसलपुर बांध का 66 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा भर जाए।
बीसलपुर बांध से खुशखबरी
राज्य के तीन बड़े जिलों को पानी पिलाने और कृषि हेतु पानी देने वाले बीसलपुर बांध में अब तक 21 सेमी पानी गया है।
जिससे जयपुर, टोंक और अजमेर की करीब एक करोड़ से ज्यादा आबादी 11 दिन का पानी सप्लाई हो सकता है।
बता दें कि बीसलपुर बांध का गेज सोमवार शाम 8 बजे तक 313.04 आरएल मीटर दर्ज किया गया है।
इसी के साथ बारिश के चलते बीसलपुर बांध की सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
अब क्या कहना है मौसम विभाग ?
मौसम विभाग के अनुसार, बिपरजॉय तूफान अब कमजोर हो चुका है लेकिन इसके असर से मंगलवार को बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, सवाईमाधोपुर, टोंक में बारिश होगी। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं कोटा संभाग में तो भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।