विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार राशि, टाई ग्लोबल समिट 2026 में समर्पित बूथ स्थान और प्रमुख निवेशकों से संभावित निवेश तक पहुँच मिलेगी। उनके समाधानों को आगे बढ़ाने में सहायता के लिए अनुदान-आधारित समर्थन सहित एक व्यापक विकास अवसर पैकेज भी प्रदान किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक भागीदारी
इस राष्ट्रीय स्तर की नवाचार प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 54 शहरों से आए 700 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह इसे राजस्थान में आयोजित सबसे व्यापक और विविधतापूर्ण हैकाथॉन्स में से एक बनाता है, जिसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों का मजबूत प्रतिनिधित्व शामिल रहा।
भागीदारी के प्रमुख आँकड़ें इस प्रकार रहे:
- 700 से अधिक प्रतिभागी
- 250 से अधिक टीमों की भागीदारी
- 150 से अधिक महिला प्रतिभागी
- 550 से अधिक पुरुष प्रतिभागी
- 54 शहरों से प्रतिनिधित्व
- 12 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश
प्रमुख विषय और तकनीकी समाधान
इस हैकाथॉन का उद्देश्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ मिलकर तय किए गए सात अहम् विषयों से जुड़ी चुनौतियों का समाधान खोजना था। इन विषयों में डिजिटल कृषि और किसान सहायता प्रणाली, स्मार्ट हेल्थ रिकॉर्ड और आपातकालीन सेवाएँ शामिल थीं।
अन्य विषयों में स्मार्ट सड़क अवसंरचना, स्मार्ट निगरानी और सार्वजनिक सुरक्षा, पर्यटन से जुड़ा डेटा और भीड़ विश्लेषण, नागरिक शिकायत समाधान प्रणाली, और जल प्रबंधन व स्मार्ट यूटिलिटीज़ शामिल थे। प्रतिभागियों ने एआई, डेटा एनालिटिक्स, आईओटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी तकनीकों का उपयोग किया।
उन्होंने ऐसे समाधान तैयार किए, जो बड़े स्तर पर लागू किए जा सकें और राष्ट्रीय व राज्य प्राथमिकताओं के अनुरूप हों।
विजेता टीमों की घोषणा
सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और टाई इकोसिस्टम से जुड़े विशेषज्ञों की जूरी द्वारा कड़ी समीक्षा के बाद विजेता और उपविजेता टीमों की घोषणा की गई।
डिजिटल कृषि एवं किसान सहायता पारिस्थितिकी तंत्र
- विजेता: रुद्र एक्स - टीम लीड: अभिषेक वर्मा (विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर)
- उपविजेता: सेफस्फियर - टीम लीड: उत्तम कुमार गुप्ता (विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर)
सहयोग और भविष्य की दिशा
इस हैकाथॉन को रेस्किल का सहयोग प्राप्त था। विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (वीजीयू) इस कार्यक्रम की वैन्यू पार्टनर रही, और इसे सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (डूइट एंड सी), राजस्थान सरकार का सशक्त समर्थन मिला।
टाई और राजस्थान डिजीफेस्ट इकोसिस्टम से मिले विशेषज्ञ मार्गदर्शन और जूरी सहभागिता के माध्यम से प्रतिभागियों को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी और व्यावहारिक समाधान विकसित करने का अवसर मिला। इस पहल ने युवाओं के नेतृत्व में नवाचार और डिजिटल परिवर्तन के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में राजस्थान की सोच को और मजबूती दी है।