डॉ. अशोक कुमार कलवार और डॉ. सुशील कुमार बिस्सू भी आयोग के सदस्य बने हैं. इन नियुक्तियों से आयोग को नई दिशा मिलेगी.
सोशल इंजीनियरिंग और कार्य में तेजी
नए सदस्यों की यह नियुक्तियाँ सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूला के तहत की गई हैं. यह सुनिश्चित करता है कि विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व हो.
इन नियुक्तियों से आयोग में परीक्षा संबंधी कार्य में तेजी आएगी. साक्षात्कार और डीपीसी (Departmental Promotion Committee) का काम भी गति पकड़ेगा.
यह फैसला राज्य सरकार द्वारा आयोग के लंबित कार्यों को निपटाने के उद्देश्य से लिया गया है. इससे भर्ती प्रक्रियाओं में भी सुधार की उम्मीद है.
आयोग की संरचना और रिक्तियाँ
इन ताजा नियुक्तियों के साथ आयोग में अध्यक्ष सहित कुल सात सदस्य हो गए हैं. इससे पहले आयोग में छह सदस्य पद खाली पड़े हुए थे.
राजस्थान लोक सेवा आयोग का गठन वर्ष 1949 में हुआ था. इसमें अध्यक्ष सहित कुल दस सदस्य नियुक्त किए जाने का प्रावधान है.
वर्तमान स्थिति में आयोग में अभी भी तीन सदस्य पद रिक्त रहेंगे. यह वर्तमान सरकार द्वारा की गई नियुक्तियों का दूसरा महत्वपूर्ण दौर है.
पूर्व डीजीपी यू.आर. साहू पहले ही अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं. उनकी अगुवाई में आयोग कार्य कर रहा है.
प्रमुख नए सदस्यों का विस्तृत परिचय
पूर्व आईपीएस हेमंत प्रियदर्शी के शामिल होने से आयोग में अब दो पूर्व आईपीएस अधिकारी हो गए हैं. यह आयोग की सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगा.
डॉ. अशोक कलवार जोधपुर के एक प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ हैं. वे लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़े हुए हैं.
उनकी नियुक्ति से आयोग में चिकित्सा क्षेत्र की विशेषज्ञता भी शामिल हो गई है. यह एक विविध दृष्टिकोण प्रदान करेगा.
डॉ. सुशील कुमार बिस्सू उच्च शिक्षा के क्षेत्र से आते हैं. वे अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRMS) से संबंधित हैं.
यह संगठन कॉलेज और विश्वविद्यालय के शिक्षकों का एक महत्वपूर्ण मंच है. इसकी विचारधारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी हुई मानी जाती है.
आयोग के मौजूदा सदस्य और अन्य स्थिति
वर्तमान में डॉ. संगीता आर्य, प्रो. अयूब खान और लेफ्टिनेंट कर्नल केसरीसिंह सदस्य हैं. के.सी.मीना भी आयोग के मौजूदा सदस्यों में से एक हैं.
बाबूलाल कटारा वरिष्ठ अध्यापक और सब इंस्पेक्टर पेपर लीक कांड के चलते निलंबित हैं. उनका मामला अभी भी विचाराधीन है.
हाल ही में पूर्व सदस्य डॉ. मंजु शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दिया था. उनके इस्तीफे से एक और पद रिक्त हुआ था.