जानकारी के अनुसार, पति के वापसी के लिए अधिकारियों के चक्कर काटती-काटती थक चुकी नीमकाथाना क्षेत्र के मंढ़ोली निवासी रंजना देवी ने पीएम मोदी के नाम उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन देकर अपने पति शीशराम की वापसी की गुहार लगाई है।
उसने बताया है कि उसके नणदोई की उदयपुरवाटी में दुकान है। जहां पर नवलगढ़ का रहने वाला हरिराम गुर्जर उसके पति को मिला और उसे नौकरी के लिए विदेश भेजने की बात कही।
बदमाश ने उसके पति शीशराम को हर महीने 350 डालर वेतन मिलने का लालच दिया, साथ ही दो घंटे ओवरटाइम पर करीब पचास हजार रुपए का वेतन के रूप में मिलने की बात कही।
इसी के साथ बदमाश ने दो साल के लिए विदेश भेजने के लिए उनसे एक लाख 10 हजार रुपए भी मांगे। जिसके बाद 90 हजार रुपए पर दोनों के बीच बात गई।
आर्थिक तंगी और परिवार के भरण-पोषण के लिए उसका पति बदमाश की बातों में आकर मालदीव चला गया।
बदमाश हरिराम ने उसके पति को मालदीव में किसी निजी व्यक्ति के पास काम पर लगा दिया।
आखिर एक दिन उसकी पोल खुल गई और उसके पति को पता चला कि उसे दो साल की बजाय केवल तीन महीने का वीजा बना कर विदेश भेजा है।
जब उसके पति ने वहां काम करने से मना किया तो उसे एक कमरे में बंदी बना लिया। जब उसके पति ने खुद का वीडियो संदेश भेजकर मामले की जानकारी दी तो परिवार के होश उड़ गए।
अब उसके पति शीशराम के पास ना तो रुपए है ना ही खाने का सामान है। उसकी स्थिति बेहद दयनीय हो गई है।
जिसके चलते उसकी पत्नी ने उसकी वापसी के लिए अब पीएम मोदी से आस लगाकर गुहार लगाई है।