अजमेर | राजस्थान लोक सेवा आयोग ने आरएएस-2023 भर्ती परीक्षा के परिणामों का एक विस्तृत विश्लेषण जारी किया है। इस रिपोर्ट ने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कई रोचक और प्रेरणादायक तथ्य सामने रखे हैं। भर्ती परिणामों के आंकड़ों से यह स्पष्ट हो गया है कि अब राजस्थान की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। इस बार के परिणामों में आधे से अधिक अभ्यर्थी ग्रामीण पृष्ठभूमि से संबंध रखते हैं जो राज्य की बदलती शैक्षणिक और सामाजिक तस्वीर को दर्शाता है। आयोग द्वारा जारी डेटा के अनुसार कुल 2166 चयनित अभ्यर्थियों में से 1210 अभ्यर्थी ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। यह कुल चयन का लगभग 55.86 प्रतिशत है। इसके विपरीत शहरी क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 956 रही जो कुल चयन का 44.14 प्रतिशत है। आयोग ने अभ्यर्थियों की स्कूली शिक्षा के स्थान को उनकी पृष्ठभूमि का मुख्य आधार माना है। यह आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है और वहां के युवा अब बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
शैक्षणिक स्तर और योग्यता का महत्व
चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड पर नजर डालें तो स्नातक परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की सफलता दर सबसे अधिक रही है। कुल 2166 सफल उम्मीदवारों में से 1707 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई प्रथम श्रेणी में पूरी की है। इसके अतिरिक्त चयनित होने वाले अभ्यर्थियों में से 837 अभ्यर्थी यानी लगभग 38.64 प्रतिशत उम्मीदवार स्नातकोत्तर भी हैं। यह स्पष्ट करता है कि प्रशासनिक सेवाओं में शैक्षणिक उत्कृष्टता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भर्ती के आयु वर्ग विश्लेषण से पता चलता है कि प्रशासनिक सेवाओं में ऊर्जावान युवाओं का दबदबा बना हुआ है। कुल चयनित अभ्यर्थियों में से 1554 उम्मीदवार 21 से 30 वर्ष के आयु वर्ग के हैं जो कुल चयन का 71.3 प्रतिशत हिस्सा है। इसके साथ ही 31 से 33 वर्ष की आयु के 266 अभ्यर्थियों का भी चयन हुआ है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि आयोग में युवाओं के साथ-साथ अनुभवी अभ्यर्थियों को भी स्थान मिल रहा है।