जालोर | जालोर से आहोर तहसील से ओडवाड़ा गांव में चल रही अतिक्रमण हटाने एवं घरों को तोड़ने की कार्रवाई पर जोधपुर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। न्यायाधीश विनीत माथुर की बैंच ने 29 लोगों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता श्याम पालीवाल ने कोर्ट में कहा कि हमारे पास पट्टा है, सनद है तथा इन आवासों पर पीढ़ियों से पिछले करीब 80 सालों से लोग उन मकानों में निवास कर रहे हैं।

इन मकानों में हमारे परदादा- दादा, पिता एवं आगे कही पीढ़ी से लेकर हम लोग रहते आ रहे हैं। इतना ही नहीं इन मोहल्लों में राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा जो भी व्यवस्था, सरकारी योजनाओ द्वारा भी वेलफेयर डेवलपमेंट किया है। बिजली एवं पानी के कनेक्शन भी दिए हुए हैं।

