एक तरफ जहां राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार महंगाई राहत कैम्प में बीजी है और सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए कोशिशों में जुटे है तो दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी में पायलट कैम्प लगातार उनके लिए सिरदर्द बना हुआ है.
अपनी ही सरकार के खिलाफ एक दिन के अनशन पर बैठने के बाद सचिन पायलट को लेकर तमाम तरह के कयास लगातार लगाए जा रहे है. पायलट कैम्प को उम्मीद थी कि सचिन पायलट को लेकर जल्दी ही कांग्रेस आलाकमान कोई बड़ा फैसला करने वाला है. लेकिन हर बार आलाकमान से पायलट कैम्प को सिर्फ तारिख ही मिली.

अनशन के बाद सचिन पायलट पूरी तरह से पार्टी से में दरकिनार कर दिए गए है. ना तो वे पार्टी की किसी मीटिंग में पहुँच रहे है और ना ही कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को अपना फीडबैक देने के लिए पीसीसी कार्यालय पहुंचे थे.
