जयपुर । खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि जिले में संचालित विभिन्न परियोजनाओं, निर्माण व विकास कार्य निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूरे होने चाहिए ताकि उनका लाभ आमजन को मिल सके। उन्होंने कहा कि श्रीगंगानगर में मिनी सचिवालय के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नहरों, खालों, स्कूल व स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिये राज्य सरकार को भिजवाये जायें।
गोदारा गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के पश्चात जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अत्यधिक वर्षा के कारण जो सड़के क्षतिग्रस्त हुई है या अन्य नुकसान हुआ है, के मरम्मत प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के राज्य सरकार को भिजवाए जायें। उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों व परिवारों को खाद्य सुरक्षा के तहत अनाज दिया जा रहा है, वे परिवार 31 अक्टूबर 2024 तक ई-केवाईसी करवा लेवें। अन्यथा 1 नवम्बर के पश्चात खाद्य सुरक्षा में अनाज लेने में दुविधा होगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के माध्यम से खेतों में सिंचाई हेतु डिग्गी निर्माण के लिये किसानों को जागरूक कर लाभान्वित किया जाये। शिक्षण संस्थाओं में जहां-जहां कक्षा-कक्षों की आवश्यकता है, उनके साथ-साथ चिकित्सा भवनों का निर्माण, विस्तार तथा नहरों व खालों के नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण से संबंधी प्रस्ताव तैयार किये जायें।
यूटीबी के तहत चिकित्सकों की नियुक्ति करते हुए नये उपस्वास्थ्य केन्द्रों और पशु चिकित्सा केन्द्रों के प्रस्ताव भिजवाये जाये। उन्होंने पेयजल विभाग से संबंधित विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जेजेएम के तहत संचालित पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा के लिये विधायकगणों व प्रधानगणों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर कार्यवाही की जाये। पेयजल को लेकर जो बजट आवंटित किया गया है, उसका सदुपयोग करें ताकि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल मिल सके।