ईडी के भय से मानी गलती
तत्सम्य भी कांग्रेस सरकार को बार-बार चेताया था कि सैंकड ग्रेड परीक्षा में पूर्व की तारीखों की परीक्षाओं का भी पेपर लीक हुआ है।
लेकिन सरकार ने संवेदनहीनता दिखाते हुए ये पेपर निरस्त नहीं किये थे।
कांग्रेस सरकार आज ईडी के भय से अब गलती मानकर दो पेपर निरस्त कर हमारे दावों पर मुहर लगा रही है।
पेपर लीक होना कांग्रेस राज की परम्परा बनी
इसी के साथ नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजस्थान में पेपर लीक होना कांग्रेस राज की परम्परा बन गई है।
आरपीएससी द्वारा कराई गई परीक्षाएं संदेह के घेरे में हैं। ऐसी कई भर्ती परीक्षाएं हैं जो एसओजी के संज्ञान में नहीं है, क्या वो भी निरस्त होंगी?
हैरानी की बात है कि बाबूलाल कटारा एसआई भर्ती के इंटरव्यू बोर्ड में शामिल था, इसके बावजूद भी परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया।
पैसों के खातिर सरकारी नौकरियों की बोली
आरपीएससी में बाबूलाल कटारा जैसे कई किरदार है जो पैसों के खातिर सरकारी नौकरियों की बोली लगा रहे हैं।
प्रदेश के लाखों मेहनतकश बेरोजगारों के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पेपर लीक का यह कलंक युवाओं के भविष्य पर ग्रहण लगा रहा है।
सांसद किरोड़ी बोले- मैंने दिया था सबूत
इस मामले को लेकर राज्य सभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने भी गहलोत सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि वरिष्ठ अध्यापक की परीक्षा में पेपर लीक के पुख्ता सबूत दिए थे, लेकिन मुखिया जी ने अपने चहेतों-डकैतों को काली कमाई करने की खुली छूट दी।
आखिर में 2 पेपर और रद्द कर दिए हैं। कहीं सरकार ने ED के डर से तो यह फ़ैसला तो नही लिया?