वसुंधरा राजे सरकार में हुए कथित घोटालो के खिलाफ एक दिन का अनशन कर सचिन पायलट ने राजस्थान में सियासी तापमान बढ़ा कर रख दिया. उसके बाद बने सियासी समीकरणों के आधार पर कहा जा रहा है कि सचिन पायलट अपने राजनितिक भविष्य को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकते है

लेकिन अब सचिन पायलट ने एक बार फिर जनसभाओं के जरिए शक्ति प्रदर्शन करने का मूड बना लिया है जिसके बाद कहा जा रहा है कि अब सचिन पायलट पीछे हटने को तैयार नहीं है.
17 अप्रैल से फिर से एक्शन में आएँगे सचिन पायलट
