राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट इन दिनों वसुंधरा सरकार में हुए कथित भृष्टाचार के मुद्दे पर अशोक गहलोत सरकार पर लगातार हमलावर है. पायलट के एक दिन के अनशन को राजनीति और पार्टी में अलग-अलग नजर से देखा जा रहा है.
एक तरफ उनके इस अनशन को पार्टी विरोधी बताया जा रहा है तो दूसरी तरफ पायलट खेमे का पक्ष है कि भाजपा सरकार में हुए भृष्टाचार का मुद्दा उठाना आखिर कैसे पार्टी विरोधी हो सकता है.
अगर सचिन पायलट के पक्ष की बात करें तो वे खुद को हमेशा कांग्रेस का एक समर्पित कार्यकर्ता कहते आए हैं. ऐसे ही कुछ उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से भी जाहिर किया. जबकि जो सचिन पायलट ने किया वह सूबे के मुखिया अशोक गहलोत को याद नहीं रहा.
बीते 24 अप्रैल को राजस्थान के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेसी नेता टीकाराम पालीवाल की जयंती थी. इस मौके पर कांग्रेसियों ने टीकाराम पालीवाल को अपने-अपने तरीके से याद किया लेकिन राजस्थान के मुख्यमंत्री खुद टीकाराम पालीवाल को याद करना भूल गए.