thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 🌺 ज़िंदगानी 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 💡 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

ठिठुरते मासूमों के स्कूल भवन का वर्क ऑर्डर जारी

thinQ360 thinQ360 19

सिरोही जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कृष्णगंज की सिमटी खेड़ा फली के प्राथमिक विद्यालय के भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 संदेवनशील मामले पर सांसद और कलेक्टर ने दिखाई संवेदनशीलताथिंक 360 की खबर पर आमजन ने जताया आभार
simti fali kheda school khabar ka asar thinq 360
सिमटी फली खेड़ा स्कूल निर्माण कार्य चालू

सिरोही | जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कृष्णगंज की सिमटी खेड़ा फली के प्राथमिक विद्यालय के भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

दरअसल, सिमटी खेड़ा फली में 14 दिसंबर 2021 को प्राथमिक विद्यालय स्वीकृत हुआ था और शिक्षण व्यवस्था भी शुरू कर दी गई थी। 26 अगस्त 2023 को नए भवन का शिलान्यास किया गया, लेकिन वन विभाग के क्षेत्र होने के चलते यह निर्माण कार्य रोक दिया गया। दो विभागों के विवाद में मासूम बच्चों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। पिछले लंबे समय से सिमटी खेड़ा फली स्कूल के मासूम बच्चे कड़ाके की सर्दी, तपती गर्मी और मूसलाधार बारिश के बीच अस्थायी झोपड़ी में पढ़ाई करने को मजबूर थे।

इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए थिंक 360 ने "सरकार का सितम: ठिठुरते मासूमों के लिए स्कूल भवन बनाने में नाकाम रहे मंत्री ओटाराम देवासी" शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर प्रकाशित होने के बाद सांसद लुम्बाराम चौधरी और जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इस मसले को मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में सुलझाया। दोनों विभागों के बीच का विवाद खत्म कर भवन निर्माण के लिए एनओसी जारी की गई।

दो विभागों के बीच फंसा विवाद सुलझा, वर्क ऑर्डर जारी
माउंट आबू की पहाड़ियों में स्थित सिमटी खेड़ा फली विद्यालय भवन का निर्माण दो विभागों के विवाद के कारण रुका हुआ था। इस वजह से मासूम बच्चों को अस्थायी झोपड़ी में पढ़ाई करनी पड़ रही थी। अब एनओसी मिलने और वर्क ऑर्डर जारी होने के साथ भवन निर्माण का कार्य शुरू होने जा रहा है।

पानी-बिजली की भी नहीं थी सुविधा, रिकॉर्ड थैले में ले जाना पड़ता था
विद्यालय का भवन न होने के कारण बच्चों को कड़ाके की ठंड, भीषण गर्मी और बारिश में पढ़ाई करनी पड़ती थी। साथ ही, शिक्षकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। स्कूल के रिकॉर्ड को एक थैले में रखकर लाना और छुट्टी के बाद वापस घर ले जाना पड़ता था।

मासूमों की तकलीफों से बेपरवाह रहे राज्यमंत्री
भले ही राज्य में भाजपा सरकार अपने एक साल पूरे होने का जश्न मना रही हो, लेकिन बच्चों से जुड़े इस मामले में सिरोही विधायक और राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई। हालांकि, उन्होंने अपने बेटे को जिला क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष बनाने और सक्रिय राजनीति में लॉन्च करने में पूरी दिलचस्पी दिखाई, लेकिन बच्चों की परेशानियों से कभी सरोकार नहीं रखा।

आधा रह गया नामांकन
सिमटी खेड़ा फली का प्राथमिक विद्यालय अस्थायी झोपड़ी में चलने के कारण बच्चों के अभिभावकों को वन्यजीवों का खतरा सताता था। खुले में पढ़ाई करने की वजह से स्कूल का नामांकन 67 से घटकर 37 रह गया। अब विद्यालय भवन बनने से न केवल शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित होगा।

थिंक ने लगाई थी यह खबर आप भी पढ़ें : थिंक 360 बना आवाज, शासन-प्रशासन ने सुनी

सिमटी खेड़ा फली के प्राथमिक विद्यालय भवन की आवश्यकता को थिंक 360 ने प्रमुखता से उठाया था। वन विभाग के क्षेत्र में होने के कारण अटके इस मसले को सांसद लुम्बाराम और जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी की मॉनिटरिंग ने सुलझाया। अब मासूमों को नया विद्यालय भवन मिलने की सौगात मिलेगी। आमजन ने इस पूरे मामले को शासन और प्रशासन के संज्ञान में लाने के लिए थिंक 360 का आभार व्यक्त किया।

शेयर करें: