वहीं दूसरी ओर, विधानसभा चुनाव 2023 के मध्य नजर 4 अक्टूबर के बाद कभी भी आचार संहिता लागू की जा सकती है। ऐसे में राज्य निर्वाचन विभाग ने भी इसके मद्देनजर अपनी तैयारियों में तेजी शुरू कर दी है।
बुजुर्ग-दिव्यांग घर से डाल सकेंगे वोट
राज्य चुनाव आयोग 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाताओं और दिव्यांगों को ये राहत देने जा रहा है, क्योंकि इस उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों को वोटिंग के लिए मतदान केंद्र तक पहुंचे में बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में बड़ी संख्या में तो कई मतदाता वोट भी नहीं डालते हैं। जिससे मतदान का प्रतिशत भी कम रहता है।
जिसके चलते निर्वाचन आयोग ने इन्हें राहत देते हुए ये सुविधा देने का फैसला किया है।
ऐसे प्रदेश के करीब 12 लाख बुजुर्ग और 5,96,000 दिव्यांग मतदाताओं को घर से वोट डालने का विकल्प दिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता के मुताबिक, इस कैटेगरी के मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 18 लाख के आस-पास है।
विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर गुरुवार को राजनीतिक दलों के साथ बैठक करने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कई जानकारियां दी।
उन्होंने बताया कि अबकी बार आधे से ज्यादा बूथ की वेब कास्टिंग होगी कराई जाएगी, जिससे चुनाव और ज्यादा पारदर्शी हो पाए।
इस बार चुनाव में 85 लाख मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। अब तक 11.38 लाख मतदाताओं को वोटिंग प्रशिक्षण दिया गया है।
वहीं, जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि 21अगस्त को मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन हो चुका हैं और 4 अक्टूबर को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन होगा।