राज्य स्तरीय समिट में भी निवेश के लिए उद्यमी एमओयू करवा सकते है। उन्होंने कहा कि पहली मर्तबा राज्य सरकार ने निवेशकों एवं इनोवेटर्स को राजस्थान में निवेश के लिए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल एवं आईएएस को विदेश भेजा। राज्य मंत्री विश्नोई ने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं जर्मनी की यात्रा पर है। राजस्थान में निवेश के लिए बनाए गए सकारात्मक वातावरण के अच्छे परिणाम मिलने लगे हैं। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 की घोषणा के दो महीने के भीतर अब तक 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल ने उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा कि बाड़मेर जिले के कई उद्यमियों में अल्प समय में विकास का सफर तय किया है। उनसे प्रेरणा लेते हुए दूसरे उद्यमियों को विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करते हुए बाड़मेर के विकास के लिए आगे आना चाहिए।
बाड़मेर जिला प्रभारी सचिव सुबीर कुमार ने कहा कि अब बाड़मेर जिले का परिपेक्ष्य बदल गया है। पिछले कुछ वर्षों में बाड़मेर में विकास के नए आयाम स्थापित हुए है।
कार्यक्रम के अंत में बाड़मेर जिला कलक्टर टीना डाबी ने जिला स्तरीय इन्वेस्टमेंट समिट के सफलतम आयोजन के लिए उद्यमियों एवं विभागीय अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इससे बाड़मेर जिले में विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। उन्होंने कहा कि बाड़मेर जिले में 2200 करोड़ का निवेश होना बेहद ऐतिहासिक पल है। जो विभिन्न क्षेत्रों में विकास के साथ स्थानीय लोगों की प्रगति के द्वार खोलेगा।
लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वरलाल बालड़ ने राजस्थान सरकार के उद्योगों को प्रोत्साहन देने की नीति की सराहना करते हुए कहा कि बिजली,पानी एवं रियायती दरों पर जमीन उपलब्ध कराने के लिए भी अतिरिक्त प्रयास किए जाने चाहिए।
2200 करोड़ के निवेश के लिए एमओयू-
बाड़मेर में जिला स्तरीय इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, प्रभारी सचिव सुबीर कुमार, जिला कलक्टर टीना डाबी, पुलिस अधीक्षक नरेंद्रसिंह मीना एवं चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल की उपस्थिति में 151 उद्यमियों ने जिला प्रशासन के साथ 2200 करोड़ के निवेश के लिए एमओयू किया।
इसमें सर्वाधिक निवेश के लिए किशोरसिंह कानोड़ ने 1225 करोड़ का एमओयू किया। इसमें 1000 करोड़ का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर, कृषि विश्व विद्यालय के लिए 200 करोड़ एवं 25 करोड़ होटल निर्माण के लिए किए गए। इसके अलावा मैसर्स तनसिंह चौहान की ओर से जोगेन्द्रसिंह चौहान ने 171 करोड़, कैलाश मेहता ने 161 करोड़, जेएसडब्ल्यू की ओर से 28 करोड़ के निवेश के लिए एमओयू हस्ताक्षर किए गए।