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राजस्थान

विरोध-प्रदर्शन को लेकर कई छात्र नेता हिरासत में, गाड़ियां जब्त, छात्रसंघ चुनाव रोक के बाद हंगामा

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छात्रों के हंगामे और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राजस्थान यूनिवर्सिटी छावनी में तब्दील हो गई है। यूनिवर्सिटी के बार पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा है। यूनिवर्सिटी के मेन गेट के बाहर किसी को भी रूकने नहीं दिया जा रहा है। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 छात्रों के हंगामे और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राजस्थान यूनिवर्सिटी छावनी में तब्दील हो गई है। यूनिवर्सिटी के बार पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा है। यूनिवर्सिटी के मेन गेट के बाहर किसी को भी रूकने नहीं दिया जा रहा है। 
student leaders detained for protest vehicles seized ruckus after suspension of student union elections in ru

जयपुर | राजस्थान में गहलोत सरकार के छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाने के आदेश ने छात्रों को भड़का दिया है। 

छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगने के बाद से छात्र नेताओं का गुस्सा फूटा हुआ है। 

जिसके चलते छात्र नेता अपने समर्थकों के साथ गहलोत सरकार के खिलाफ सुबह से ही राजस्थान यूनिवर्सिटी में विरोध-प्रदर्शन पर उतरे हुए हैं। 

यूनिवर्सिटी बनी छावनी

छात्रों के हंगामे और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राजस्थान यूनिवर्सिटी छावनी में तब्दील हो गई है। 

यूनिवर्सिटी के बार पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा है। यूनिवर्सिटी के मेन गेट के बाहर किसी को भी रूकने नहीं दिया जा रहा है। 

कई छात्र नेता हिरासत में, गाड़ियां जब्त

छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगने के बाद विरोध-प्रदर्शन कर रहे करीब तीन दर्जन छात्रों और छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। 

इसी के साथ उनकी आधा दर्जन गाड़ियों को भी जब्त कर लिया गया है। 

बता दें कि छात्रसंघ चुनावों पर देर रात रोक लगने के बाद छात्र नेताओं ने राजस्थान यूनिवर्सिटी गेट पर विरोध-प्रदर्शन किया और सीएम गहलोत का पुतला फूंका। 

राजस्थान यूनिवर्सिटी के कैंपस में छात्र नेता विरोध-प्रदर्शन के लिए आगे की रणनीति बनाने में जुटे हुए है। उनका कहना है कि अगर सरकार ने छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने का फैसला वापस नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 

गौरतलब है कि इस साल प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने शनिवार को राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ मीटिंग की थी। 

जिसमें कुलपतियों ने चुनाव नहीं कराने की सिफारिश की थी। कुलपतियों ने छात्रसंघ चुनावों में धनबल और भुजबल का खुलकर प्रयोग होने का हवाला भी दिया था। 

कुलपतियों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव से शिक्षण कार्य अत्यधिक प्रभावित होता है। 

छात्रसंघ चुनाव हुए तो नई शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर सिस्टम लागू करने में असुविधा होगी। 

जिसके बाद मुख्यमंत्री गहलोत की सहमति से छात्रसंघ चुनाव पर इस सत्र में रोक लगा दी गई है। 

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