लेकिन छात्रनेता किसी भी हालत में चुनाव कराना चाहते हैं, ऐसे में अब छात्र नेताओं को सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) का साथ भी मिल गया है।
गहलोत सरकार के छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने के फैसले के खिलाफ नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी छात्रों के साथ मोर्चा संभाल लिया है।
हनुमान बेनीवाल ने गहलोत सरकार पर जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा है कि, लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी बात रखने का हक है।
सरकार लाठी के दम पर युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
बेनीवाल ने कहा कि गिरफ्तार किए गए छात्रों को सरकार तत्काल रिहा करे।
उन्होंने कहा कि, छात्रसंघ चुनाव करवाने की मांग को लेकर आंदोलित छात्र नेताओं को पुलिस के हिरासत में लेने का प्रकरण संज्ञान में आने के बाद मैंने जयपुर पुलिस कमिश्नर से फोन पर बात कर तत्काल छात्र नेताओं को रिहा करने की बात कही है।
हनुमान बेनीवाल का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव से युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होता है, लेकिन राजस्थान की हठधर्मी सरकार किसी को आगे बढ़ते हुए देखना पसंद नही कर रही है।
थर्ड फ्रंट से घबरा रही गहलोत सरकार
बेनीवाल ने आगे कहा कि, राजस्थान की गहलोत सरकार प्रदेश में बढ़ते तीसरे मोर्चे के प्रभाव, छात्र संघचुनावों में भी थर्ड फ्रंट की दस्तक से घबरा गई है।
जिसके चलते इस प्रकार के गैर जिम्मेदाराना कदम उठाए जा रहे हैैं। अब अगर मुख्यमंत्री ने जल्द ही छात्रसंघ चुनाव को नहीं करवाने का अपना निर्णय नहीं बदला तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन होगा।