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भारत

कोर्ट का सुप्रीम फैसला, अब समलैंगिक शादी कर सकेंगे या नहीं, जानें क्या कहा कोर्ट ने

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कोर्ट ने समलैंगिक शादी को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि ये विधायिका का अधिकार क्षेत्र है। समलैंगिक शादी का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं हो सकता। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 कोर्ट ने समलैंगिक शादी को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि ये विधायिका का अधिकार क्षेत्र है। समलैंगिक शादी का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं हो सकता। 
supreme court refuses to give marriage equality rights to same sex marriage in india

नई दिल्ली | Same Sex Marriage: सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक शादियों को लेकर बड़ा फैसला दिया है। 

कोर्ट ने समलैंगिक शादी को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया है।

कोर्ट का कहना है कि ये विधायिका का अधिकार क्षेत्र है। समलैंगिक शादी का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं हो सकता। 

सीजेआई चंद्रचूड़ ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि न्यायालय कानून नहीं बना सकता, बल्कि उनकी केवल व्याख्या कर सकता है।

विशेष विवाह अधिनियम में बदलाव करना संसद का काम है।  

बता दें कि सेम सेक्स मैरिज का समर्थन कर रहे याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से इसे स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड करने की मांग की थी।

वहीं कोर्ट में केंद्र सरकार ने दलील देते हुए सेम सेक्स मैरिज को भारतीय समाज के खिलाफ बताया है। 

इसके अलावा कोर्ट ने समलैंगिक समुदाय के खिलाफ भेदभाव को रोकने के लिए केंद्र और पुलिस बलों को भी दिशा-निर्देश भी दिए हैं। 

वहीं, समलैंगिक शादी को लेकर चार जजों सीजेआई, जस्टिस कौल, जस्टिस एस रवींद्र भट्ट और जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने बंटा हुआ फैसला दिया। इसके अलावा जस्टिस हिमा कोहली भी इस बेंच में शामिल थी।

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