यह बयान असदुद्दीन ओवैसी, सपा सांसद शफीकुर रहमान बर्क सहित कई मुस्लिमों को पसंद नहीं आया।
असदुद्दीन ओवैसी ने ज्ञानवापी पर सीएम योगी के बयान को लेकर कहा कि, योगी ने विवादित बयान दिया है, यह संविधान के खिलाफ है।
वो मुसलमानों पर दबाव डाल रहे हैं। वो साप्रांदायिकता फैला रहे हैं। उनका बस चले तो बुलडोजर चला देंगें।
ओवैसी ने ये भी कहा कि प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट सभी को मानना होगा। यूपी के मुख्यमंत्री कानून को नकार नहीं सकते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ का ये भी दावा है कि ज्ञानवापी के अंदर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं, जो किसी हिंदू ने तो वहां जाकर रखी नहीं थी।
इसके अलावा, उन्होंने मस्जिद के भीतर त्रिशूल की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि इस्लामी पूजा स्थल में हिंदूओं का धार्मिक प्रतीक त्रिशूल क्यों पाया जाएगा।
उन्होंने ये भी कहा था कि ज्ञानवापी में ज्योतिर्लिंग भी है और देवी-देवताओं की मूर्तियां भी।
सीएम योगी इन दावों के जवाब में, शफीकुर रहमान बर्क ने ज्ञानवापी के अंदर त्रिशूल की मौजूदगी होने से इनकार किया है।
बर्क का कहना है कि मुस्लिमों से कोई भी गलत काम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में कानून मौजूद है और सभी को अपना-अपना धर्म मानने की स्वतंत्रता है।
बता दें कि ज्ञानवापी विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। कोर्ट ने ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे पर रोक लगा रखी है। अब इस मामले में कोर्ट 3 अगस्त को फैसला सुनाएगा।