सिरोही। राजस्थान में शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया पर शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए राज्य सरकार के उस आश्वासन को रिकॉर्ड पर ले लिया, जिसमें कहा गया है कि नगर निकाय चुनाव अप्रैल 2026 से आगे टाले नहीं जाएंगे। न्यायालय ने साथ ही राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से इनकार कर दिया, जिसमें राज्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर चुनाव कराने की अनुमति दी गई थी।
यह मामला संयम लोढ़ा बनाम राजस्थान राज्य (एसएलपी (सी) संख्या 36874/2025) से संबंधित है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ के समक्ष हुई। याचिका में लोढ़ा ने राजस्थान उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें राज्य सरकार को अप्रैल 2026 तक नगर निगम व अन्य शहरी निकाय चुनाव संपन्न कराने की छूट दी गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप था कि चुनाव प्रक्रिया में अनुचित देरी की जा रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है, इसलिए तत्काल चुनाव कराए जाएं।