जयपुर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को पुष्कर में आयोजित 105 वें राष्ट्रीय जाट अधिवेशन में कहा कि किसानों को कृषि उत्पादों के विपणन पर भी ध्यान देना चाहिए।
धनखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि किसान समुदाय को बाँटने की साजिश करने के प्रयासों को सब मिलकर रोक सकते हैं। किसान समाज की आत्मा है। किसान के बिना समाज की कल्पना मुश्किल है। किसानों के लिए 24 घंटे तत्पर रहकर कार्य करने में खुशी मिलेगी। किसान समाज की सेवा और पूजा करने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। किसान वर्ग का संगठित रहना राष्ट्रवाद के लिए सबसे उत्तम है।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता हमेशा सें भारतीय समाज के लिए पूजनीय और वंदनीय रहे हैं। वीर तेजाजी महाराज, महाराजा सूरजमलजी, राजा महेंद्र प्रताप, सर छोटूराम एवं नाथू राम मिर्धा ने किसान वर्ग का मार्गदर्शन किया है। ये हमारे देश की शक्ति का प्रतीक है। परिवार में बुजुर्गों का दायित्व नई पीढ़ी को नैतिक मूल्य प्रदान करना है। महिला शिक्षा को समाज में बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। महिलाओं के बुद्धि कौशल से दुनिया अचंभित है। इसी के साथ उन्होंने अपने परिवार, कुटुंब, वातावरण का ख्याल रखने और अपने कर्तव्यों का पालन करने पर भी जोर दिया।
धनखड़ ने किसानों से कृषि उत्पादों के विपणन और व्यापार में भी अपनी साझेदारी बढ़ाने का आग्रह किया। अपने द्वारा उत्पादित फसलों का व्यापार किसान को स्वयं करना चाहिए। अधिकतर उद्यमों का आधार कृषि है। कृषि उत्पादों का वेल्यू एडिशन करके मार्केटिंग करने से किसान समृद्ध होंगे। सरकार की सकारात्मक नीतियां इस कार्य में सहयोगी रहेगी। कृषि के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक आने से उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। कृषि उत्पादों को तुरंत बेचने के स्थान पर बाजार की मांग एवं आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए बेचा जाना चाहिए।