चुनावी साल और चुनावी माहौल को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान सचिन पायलट के बगावती तेवरों के बावजूद उन्हें पार्टी से निकालने की हिमाकत नहीं कर पाएंगे और उन्हें ये जहर का घूंट पीना ही पड़ेगा।
राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी हर बार यही बात कहते हुए नजर आ रहे हैं कि पायलट ने जो ’जनसंघर्ष’ यात्रा निकाली है वह उनकी भ्रष्टाचार के खिलाफ निजी यात्रा है।
पार्टी उनकी हर हरकत पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं दूसरी ओर, सचिन पायलट भी अब पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे हैं बल्कि उन्होंने तो अपनी यात्रा के समापन पर ये तक ऐलान कर दिया है कि अगर अब भी उनकी मांगे नहीं मानी जाती है तो वे गांधीवादी नीति छोड़कर पूरे राज्य में आंदोलन की राह पर उतर जाएंगे।
इसके लिए उन्होंने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम भी दे रखा है।
बावजूद इसके कांग्रेस आलाकमान सचिन पायलट के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाए उन्हें किसी भी तरह से मनाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
प्रभारी रंधावा तो ये तक कह चुके हैं कि कांग्रेस किसी को भी निष्कासित नहीं करना चाहती, बल्कि कांग्रेस तो हर किसी का सम्मान करती है।
कांग्रेस पार्टी तो कभी भी अपने नेताओं को अकेला नहीं छोड़ती है, लेकिन जिसने भी पार्टी छोड़ी है उसका हाल सभी को पता है।
पार्टी के आलाकमानों के इस तरह के बयानों को देखकर तो यहीं लगता है कि, पार्टी आगे से सचिन पायलट पर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहेगी, लेकिन पायलट के तेवरों को देखकर ऐसा भी प्रतीत होता है कि, अब वे भी अपनी जंग पूरी कर के रहेंगे।