एक हजार किलो का तवा और 20 फीट लंबा बेलन
जाहिर सी बात है जब रोटी ही 207 किलो आटे की होगी तो उसे बनाने के लिए भी वैसा ही लंबा-चौड़ा और भारी भरकम तामझाम होगा।
ऐसे में इस महारोटी को बेलने के लिए 20 फीट लंबा बेलन इस्तेमाल किया गया है और इसकी सिंकाई भी किसी साधारण से तवे पर नहीं हुई है।
इस रोटी को बनाने के लिए एक हजार किलोग्राम वजनी तवा इस्तेमाल हुआ है।
अब इतना बड़ा तवा होगा तो चूल्हा भी तो बड़ा ही होगा। अब इसके लिए 1 हजार ईंटों की बेस से एक 12 बाय 16 का चूल्हा तैयार किया गया।
चूल्हे में लोहे की जालियां लगाई गई और रोटी को सेंकने के लिए 800 किलो कोयला काम में लिया गया।
तीन राज्यों से आए हलवाई
दुनिया की सबसे बड़ी रोटी बनी है तो किसी एक या दो-चार महिलाओं के बस की बात तो होगी नहीं, ऐसे में इस महारोटी को बनाने के लिए राजस्थान के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र के 12 हलवाई यहां पहुंचे।
रोटी बनाने में लगे 4 घंटे
इस रोटी को बनाने में 4 घंटे का समय लगा। आटा लगाने से लेकर रोटी को सेंकने तक की पूरी प्रक्रिया में इन हलवाईयों को करीब 4 घंटे का समय लगा।
रोटी बनाने की इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए करीब 50 कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई। जिसने हर काम को बड़ी सफाई और बारीकी से पूरा किया है।
आपको बता दें कि अभी तक गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड में करीब 145 किलोग्राम की रोटी बनाने रिकॉर्ड दर्ज है। रोटी का ये अनोखा रिकॉर्ड गुजरात के जामनगर के नाम था, लेकिन अब ये राजस्थान के भीलवाड़ा के नाम होगा।