इससे पहले ही शनिवार शाम को ही यमुना का वाटर लेवल खतरे के निशान (205.33 मीटर) को पार कर चुका था। ऐसे में एक बार फिर से निचले इलाकों में रहने वाले राहत शिविरों में लौटने लगे हैं।
राजस्थान के हनुमानगढ़ में बाढ़ का खतरा
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में भी बाढ़ के हालात बनते जा रहे हैं। हरियाणा से राजस्थान की ओर पानी की आवक बढ़ने से हनुमानगढ़ के इलाके जलमग्न हो गए हैं।
जिसके चलते प्रशासन ने जीडीसी के निचले क्षेत्र में बसे गांवों को खाली करवा दिया है।
राजस्थान के कई जिलों मेघ जमकर बरस रहे हैं। जालोर, कोटा, झालावाड़, उदयपुर, सिरोही समेत कई जिले जोरदार बारिश झेल रहे हैं।
जालोर जिले के चितलवाना में तो शनिवार को 4 इंच बारिश दर्ज की गई है।
रविवार को भी मानसूनी बादलों ने अपना क्रम जारी रखते हुए राजधानी जयपुर समेत कई जिलों को जमकर भिगोया है।
अब अगर बात की जाए पहाड़ी इलाकों की तो हिमाचल के कुल्लू व शिमला में बादल फटने की घटनाओं में अलग-अलग हादसों में 7 मौतें हो गई हैं। जिसके चलते हिमाचल में मानसून में अब तक 154 लोग हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं।
इस दौरान 10 इंच बारिश रेकॉर्ड की गई। जंगलों में पानी भरने से अब जंगली जानवर भी सड़कों पर नजर आ रहे हैं। कई इलाकों में पांच फीट तक पानी भरा हुआ है।