जयपुर | मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट भाषण के दौरान राज्य को दिए गए 19 नए जिलों को जल्द से जल्द कागजों से धरातल पर उतारने की तैयारी चल रही है।
30 जून तक मिल रहे संकेत: सीएम का मिला इशारा और जारी हो जाएगी नए जिलों की अधिसूचना
15 जिलों का सीमांकन का काम पूरा हो चुका है और इन जिलों की सीमांकन रिपोर्ट राज्य सरकार को भी भेज दी गई है। माना जा रहा है कि राजस्व विभाग अब आगामी 30 जून तक अधिसूचना जारी कर सकता है।
HIGHLIGHTS
- 15 जिलों का सीमांकन का काम पूरा हो चुका है और इन जिलों की सीमांकन रिपोर्ट राज्य सरकार को भी भेज दी गई है। माना जा रहा है कि राजस्व विभाग अब आगामी 30 जून तक अधिसूचना जारी कर सकता है।
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ऐसे में 15 जिलों का सीमांकन का काम पूरा हो चुका है और इन जिलों की सीमांकन रिपोर्ट राज्य सरकार को भी भेज दी गई है।
माना जा रहा है कि राजस्व विभाग अब आगामी 30 जून तक अधिसूचना जारी कर सकता है।
आपको बता दें कि हाल ही में सरकार ने इन 15 जिलों में ओएसडी लगाए थे, जिन्होंने जिलों में सीमांकन करके सरकार को रिपोर्ट भेज दी है।
अब इसी रिपोर्ट के आधार पर राजस्व विभाग नए जिलों की अधिसूचना जारी करेगा।
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जानकारी में सामने आया है कि इन 15 जिलों में का निर्माण 125 तहसीलों से किया गया है।
अधिसूचना जारी होने के साथ ही ये नए जिले अस्तित्व में आ जाएंगे।
इस संबंध में राजस्व मंत्री रामलाल जाट का कहना है कि नए जिलों को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है।
अब अब तो सीएम गहलोत के आदेश का इंतजार है। सीएम का इशारा मिलते ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि कई जिलों में बंटवारों को लेकर विरोध भी देखा जा रहा है। जयपुर और जोधपुर तो अपना बंटवारा ही नहीं चाहते हैं।
जयपुर उत्तर व जयपुर दक्षिण नाम से दो जिले बनाने की घोषणा तो सरकार ने कर दी, लेकिन अभी तक इन जिलों के क्षेत्र तय नहीं किए जा सके हैं।
जयपुर में जेडीए और नगर निगम के अपने विशिष्ट क्षेत्र हैं। ऐसे में इसके क्षेत्रों का सीमांकन सरकार के लिए इतना आसान नहीं है।
जोधपुर में भी जयपुर की ही तरह विकास प्राधिकरण व नगर निगम के क्षेत्रों की समस्या है।
जिसके चलते इनके टुकड़े करने का फैसला वापस लेने का प्रस्ताव भी पास हो सकता है।
वहीं पांच नए जिले और बनाने की मांग ने सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। सरकार का कहना है कि पांच जिलों की घोषणा प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, जनप्रतिनिधियों और लोगों की मांग के आधार पर कमेटी की रिपोर्ट के बाद हुई है।
प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जिला बनाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है, साथ ही साथ सरकार के खिलाफ विरोध भी हो रहा है।
सराड़ा जिला बनाओ संघर्ष समिति की मांग है कि नव घोषित जिले का नाम सराड़ा सलूम्बर किया जाए, या उदयपुर जिले में ही रखा जाए।
वहीं, छतरगढ़ और खाजूवाला तहसील को अनूपगढ़ की जगह बीकानेर जिले में ही रखने की मांग की जा रही है।
बता दें कि पूरे राजस्थान से 60 जगहों को जिला घोषित करने के प्रत्साव सरकार को मिले थे। जबकि 19 जिले व 3 संभाग ही बने।
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