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राजस्थान

अलवर: रूस में लापता MBBS छात्र का शव 28 दिन बाद अलवर पहुंचा, उठे सवाल

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अलवर (Alwar) जिले के लक्ष्मणगढ़ (Laxmangarh) क्षेत्र के कफनवाड़ा गांव (Kafanwara village) में रूस (Russia) में पढ़ाई कर रहे MBBS छात्र अजीत चौधरी (Ajit Chaudhary) का शव 28 दिन बाद पहुंचा, जिससे कोहराम मच गया।

HIGHLIGHTS

  • रूस में लापता MBBS छात्र अजीत चौधरी का शव 28 दिन बाद पहुंचा। शव का रूस और फिर अलवर में दोबारा पोस्टमॉर्टम किया गया। परिजनों ने आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। छात्र के कपड़े शरीर से अलग मिले थे।
rus me lapata mbbs chhatra ka shav 28 din bad alwar pahuncha uthe saval

अलवर (Alwar) जिले के लक्ष्मणगढ़ (Laxmangarh) क्षेत्र के कफनवाड़ा गांव (Kafanwara village) में रूस (Russia) में पढ़ाई कर रहे MBBS छात्र अजीत चौधरी (Ajit Chaudhary) का शव 28 दिन बाद पहुंचा, जिससे कोहराम मच गया।

28 दिन बाद पहुंचा शव, दो बार हुआ पोस्टमॉर्टम

सोमवार सुबह करीब 4:05 बजे फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे अजीत चौधरी के शव को पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में सुबह करीब नौ बजे अलवर जिला अस्पताल लाया गया। यहां मेडिकल बोर्ड ने शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया, ताकि मौत के कारणों की सटीक जानकारी मिल सके। इससे पहले रूस के ऊफा शहर में 14 नवंबर को ही अजीत का पोस्टमॉर्टम हो चुका था, लेकिन परिवार की संतुष्टि और मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत में भी यह प्रक्रिया दोहराई गई।

इकलौता बेटा था अजीत, मां की हालत बिगड़ी

मृतक अजीत चौधरी रूस की बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में थर्ड ईयर का छात्र था। उसके पिता धर्म सिंह ने गहरे दुख के साथ बताया कि 19 अक्टूबर को आखिरी बार अजीत से सामान्य बातचीत हुई थी। तब सब कुछ सामान्य लग रहा था और किसी अनहोनी का कोई संकेत नहीं था। खेती-किसानी करने वाले इस परिवार का अजीत इकलौता बेटा था, जिस पर परिवार का भविष्य टिका था। उसके अचानक लापता होने और फिर शव मिलने की खबर से उसकी मां की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है।

दोस्त के बुलाने पर निकला था हॉस्टल से

परिजनों के मुताबिक, 19 अक्टूबर को अजीत एक दोस्त के बुलाने पर अपने हॉस्टल से निकला था। इसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं चला। कई दिनों तक तलाश के बाद भी जब अजीत का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों की चिंता बढ़ती गई। बाद में नदी किनारे उसके कपड़े और जूते मिले, जिससे अनहोनी की आशंका और गहरी हो गई। लगभग 18 दिन बाद, 6 नवंबर को व्हाइट रिवर से सटे एक बांध में उसका शव मिला, जिसने परिवार की उम्मीदें तोड़ दीं।

आत्महत्या की थ्योरी पर परिवार ने उठाए सवाल

अजीत के परिवार का कहना है कि छात्र के कपड़े उसके शरीर से अलग मिले, जो आत्महत्या की थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। परिजनों का मानना है कि यदि अजीत ने आत्महत्या की होती, तो उसके कपड़े शरीर के साथ ही होते। कपड़ों का अलग मिलना किसी साजिश या हत्या की ओर इशारा करता है। परिवार ने इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि अजीत की मौत के पीछे की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।

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