पिटबुल के बहाने..
जिसने यह हिंसा की वह पशु था पर जिसने उसे तीन वर्ष तक बच्चे की तरह पाला वह एक इंसान था। माता-पिता या परिवार के साथ हिंसक...
पेशे से शिक्षिका! राजस्थान विश्वविद्यालय में रिसर्च कर रही हैं और लिखती हैं जन की बात मन की भाषा में। फेसबुक पर बौद्धिक चेतना के शिखर वाले वर्ग में नीलू खूब पढ़ी जाती हैं। जड़ों से जुड़े विषयों पर मौलिक लेखन जो सीधा पाठक का जुड़ाव कराता है। नीलू अपने लेखन में शब्दों से तस्वीर उकेरती हैं, जो पढ़ने वालों की आंखों के रास्ते मन में उतर जाती है।
जिसने यह हिंसा की वह पशु था पर जिसने उसे तीन वर्ष तक बच्चे की तरह पाला वह एक इंसान था। माता-पिता या परिवार के साथ हिंसक...
रावळों के साथ वाल्मीकि परिवार का संबंध व्यवसायिक न होकर व्यक्तिगत रहा है। प्रत्येक रावळे का अपना एक मेहतर होता है जो उनक...
सचमुच उनकी प्रार्थनाएं सुनी गई। महागौरी श्वेताम्बरा का पूजन संपन्न हुआ। बस एक दिन और!मगर इतना धैर्य स्वयं उनका मन भी धर...
मगर गुस्सा निकालने का शिष्ट तरीका भी कोई मुरधर की मरवणियों से सीखे। अश्लील तो दूर, अशुभ भी न बोलेगी पर झुंझलाहट तो हो रह...
जिस प्रकार ब्रह्म अक्षर व अक्षय है वैसे ही ऋतुएं भी निरंतर व अंतरहित है। शतपथ में ऋतुओं को विनाश रहित कहा गया है। ऋतुएं...
अपने प्रेम के लिए सर्वनाश कर देना फिल्मों के डायलॉग में भले सुनने को मिल जाए, व्यावहारिक धरातल पर शिव जैसा प्रेमी पति ही...
फेसबुक स्क्रोल करते हुए यूं ही फिल्म की प्रमोशनल पोस्ट पर नज़र पड़ गई।फिल्म पैड थी मगर पोस्ट में फिल्म के कंटेंट को लेकर...
मगर जैसे ही हम गांव वाले आपके घर (जो घर कम घुरंडी ज्यादा होता है) में पैर रखते हैं तो आपका मीटर चालू जो जाता है_पाव दूध...
थापना (प्रथम नवरात्रि) के दिन से ही घर में घी और मीठे से मिश्रित धुंए की सौरभ महकने लगती थी जो दिवाली आने का अलार्म था।श...
मैं मन ही मन हंस दी क्योंकि मां से तर्क करने के लिए छप्पन इंच का सीना भी कम ही पड़ता है। खैर! बात आई गई हो गई लेकिन हर स...