जयपुर | राजस्थान में विधानसभा चुनावों से पहले संकटों से जूझ रही कांग्रेस पार्टी में वार और पलवार का खेला जोरों पर चल रहा है।
गहलोत समर्थक विधायक का आरोप: समझ से परे है पायलट साब आपकी मांगें, वाहवाही लूटने के लिए युवाओं को भ्रमित ना करें
चेतन डूडी ने कहा है कि सचिन पायलट ने जिन 3 मुद्दों को उठाया वो अप्रयोगिक और पूरी तरह समझ से परे हैं। ऐसी बातें करके युवाओं को भ्रमित ना करें।
HIGHLIGHTS
- चेतन डूडी ने कहा है कि सचिन पायलट ने जिन 3 मुद्दों को उठाया वो अप्रयोगिक और पूरी तरह समझ से परे हैं। ऐसी बातें करके युवाओं को भ्रमित ना करें।
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जहां पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने सीएम गहलोत के खिलाफ बगावती तेवर दिखाते हुए सरकार से तीन मांग कर डाली है और 15 दिन का समय दिया है, वहीं गहलोत खेमें के विधायक और मंत्री पायलट के वार पर पलटवार करते दिख रहे हैं।
दरअसल, सचिन पायलट ने अपनी ही कांग्रेस सरकार को 3 मांगे पूरी करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
पायलट की इन मांगों पर गहलोत समर्थक माने जाने वाले चेतन डूडी ने पायलट को घेर लिया है।
समझ से परे हैं पायलट की मांगें
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चेतन डूडी ने कहा है कि सचिन पायलट ने जिन 3 मुद्दों को उठाया वो अप्रयोगिक और पूरी तरह समझ से परे हैं। ऐसी बातें करके युवाओं को भ्रमित ना करें।
उन्होंने तो पायलट से ही सवाल करते हुए कहा है कि क्या आपको पता नहीं कि, आरपीएससी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है जो कभी भी भंग नहीं की जा सकती।
इसके सदस्य का तो इस्तीफा भी राष्ट्रपति द्वारा ही मंजूर किया जाता है।
पेपर लीक पर मुआवजा देने की मांग सिर्फ अपनी झूठी वाहवाही के लिए है क्योंकि ऐसा किसी राज्य में नहीं होता। आज तक इतिहास में किसी नेता ने ऐसी मांग नहीं की। जितनी कड़ी कार्रवाइयां पेपर लीक पर राजस्थान में हुई है वो दूसरे किसी राज्य में नहीं हुई है। ये युवा अच्छे से जानते हैं।
पेपर लीक पर मुआवजा अपनी झूठी वाहवाही
इसी के साथ डूडी ने पायलट पर आरोप लगाया है कि पायलट पेपर लीक पर मुआवजा देने की मांग अपनी झूठी वाहवाही लूटने के लिए कर रहे हैं।
ऐसा किसी भी राज्य में नहीं होता। आज तक इतिहास में किसी भी राज्य में किसी भी नेता ने ऐसी मांग नहीं की है।
राजे सरकार किस मामले की आप जांच करवाना चाह रहे हैं
इसी के साथ चेतन डूडी ने पायलट की तीसरी मांग को भी निराधार बताते हुए सवाल किया कि पायलट साहब आप ही बता दीजिए कि, वसुंधरा राजे सरकार के कौनसे मामले अब भी पेंडिंग हैं जिनकी आप जांच करवाना चाह रहे हैं।
गहलोत सरकार आते ही सबसे पहले हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से इन मामलों का निस्तारण हो चुका है और सभी खानें भी निरस्त हो चुकी हैं।
फिर आप किस जांच की मांग उठाकर जनता को बरगला रहे हैं।
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