जयपुर, 25 जून 2024 | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज एक विशेष समारोह में आपातकाल के समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 की रात को लगाए गए आपातकाल को एक काली रात के रूप में याद किया जाता है, जिसने देश के लोकतंत्र का गला घोंट दिया था। यह आपातकाल 21 महीने तक चला और भारतीय लोकतंत्र पर एक अमिट धब्बा छोड़ गया।
लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान समारोह: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों का व्यक्तिगत रूप से किया सम्मान
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद की गई राजस्थान लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि-2008 को बहाल कर दिया है। अब लोकतंत्र सेनानियों को 20 हजार रुपये मासिक पेंशन और 4 हजार रुपये की मासिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य में भी यह पेंशन निर्बाध र
HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद की गई राजस्थान लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि-2008 को बहाल कर दिया है।
- अब लोकतंत्र सेनानियों को 20 हजार रुपये मासिक पेंशन और 4 हजार रुपये की मासिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
- सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य में भी यह पेंशन निर्बाध रूप से मिलती रहे। इसके लिए राजस्थान लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि अधिनियम लाया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित इस मीसा बंदी लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों के अदम्य साहस और संघर्ष की सराहना की। उन्होंने कहा, "आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे, प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई थी, और राजनीतिक विरोधियों को बिना मुकदमे के जेल में डाल दिया गया था। ऐसे में लोकतंत्र सेनानियों ने अपने संघर्ष को जारी रखा और लोकतंत्र की ज्योति को प्रज्वलित रखा।"
मुख्यमंत्री की सहृदयता
भजनलाल शर्मा ने अपनी सहृदयता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी लोकतंत्र सेनानियों को व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया। लगभग 5 घंटे तक मंच पर खड़े रहकर उन्होंने प्रत्येक सेनानी को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग सेनानियों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और व्हील चेयर पर आए सेनानियों को मंच से उतरकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता ने समारोह में उपस्थित सभी सेनानियों को भावुक कर दिया।
लोकतंत्र सेनानियों के प्रति संवेदनशील राज्य सरकार
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मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद की गई राजस्थान लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि-2008 को बहाल कर दिया है। अब लोकतंत्र सेनानियों को 20 हजार रुपये मासिक पेंशन और 4 हजार रुपये की मासिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य में भी यह पेंशन निर्बाध रूप से मिलती रहे। इसके लिए राजस्थान लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि अधिनियम लाया जा रहा है।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, राज्य विधानसभा में सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री कृष्ण कुमार के.के. विश्नोई, सांसद घनश्याम तिवाड़ी और राजेन्द्र गहलोत सहित जनप्रतिनिधि एवं राज्य के सभी जिलों से आए 1000 से अधिक लोकतंत्र सेनानी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री शर्मा ने अंत में कहा, "लोकतंत्र सेनानियों का साहस और बलिदान देश के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उनका समर्पण और त्याग आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।"
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