लखनऊ | Gyanvapi Controversy: हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा के बाद अगर देशवासियों की निगाहें जिस मामले पर है तो वह है ’ज्ञानवापी’ विवाद।
ज्ञानवापी में सर्वेक्षण की अनुमति: मुस्लिम पक्ष की याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया खारिज
हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मंदिर के सर्वेक्षण की अनुमति देते हुए मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है। मस्जिद कमेटी ने जिला अदालत के परिसर के एएसआई सर्वे कराए जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी
HIGHLIGHTS
- हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मंदिर के सर्वेक्षण की अनुमति देते हुए मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है। मस्जिद कमेटी ने जिला अदालत के परिसर के एएसआई सर्वे कराए जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी
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गुरूवार को ज्ञानवापी सर्वे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है।
हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मंदिर के सर्वेक्षण की अनुमति देते हुए मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है।
आपको बता दें कि मस्जिद कमेटी ने जिला अदालत के परिसर के एएसआई सर्वे कराए जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे मानने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है।
कोर्ट के फैसले को हिंदू पक्ष के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है। साथ ही ये भी माना जा रहा है कि अब सर्वे का काम आज से ही शुरू हो जाएगा।
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क्या कहा कोर्ट ने ?
गुरूवार को सुबह इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए साफ कहा है कि ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे शुरू होना चाहिए।
जिसके बाद जिला कोर्ट का फैसला तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गया है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले की जानकारी देते हुए हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि हाईकोर्ट ने ज़िला कोर्ट के फैसले को तत्काल प्रभाव से प्रभावी करने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा कि हम बिना डेमेज किए हुए सर्वे करेंगे, जिसे कोर्ट ने मान लिया है।
21 जुलाई को दाखिल की गई थी याचिका
गौरतलब है कि ज्ञानवापी के सर्वे को लेकर जिला अदालत के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने 21 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
जिस पर सुनवाई पूरी होने के बाद 27 जुलाई को कोर्ट ने अगला आदेश आने तक ज्ञानवापी सर्वे पर रोक लगा दी थी।
क्या है ज्ञानवापी विवाद ?
ज्ञानवापी मामला दशकों से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच विवाद का विषय रहा है।
जहां हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद परिसर के नीचे आदि विश्वेश्वर का 100 फीट ऊंचा ज्योतिर्लिंग है। ऐसे में हिंदू पक्ष की मांग है कि उन्हें भगवान विश्वेश्वर की नियमित पूजा की अनुमति दी जाए।
वहीं दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष इस स्थान पर अपना स्वामित्व बनाए रखना चाहता है और हिंदू पक्ष द्वारा किए गए दावों का खंडन करता रहा है।
ज्ञानवापी मामला दशकों से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच विवाद का विषय रहा है।
जहां हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद परिसर के नीचे आदि विश्वेश्वर का 100 फीट ऊंचा ज्योतिर्लिंग है। ऐसे में हिंदू पक्ष की मांग है कि उन्हें भगवान विश्वेश्वर की नियमित पूजा की अनुमति दी जाए।
वहीं दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष इस स्थान पर अपना स्वामित्व बनाए रखना चाहता है और हिंदू पक्ष द्वारा किए गए दावों का खंडन करता रहा है।
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