जयपुर | कहते हैं आंखे नहीं तो कुछ भी नहीं... बस इसी सोच को सही मानकर लोग निराश हो जाते हैं और अपने कर्म छोड़ देते हैं।
सलाम: आंखे नहीं फिर भी नहीं मानी हार, नहीं फैलाया किसी के आगे हाथ, इस तरह ट्रेन में मेहनत कर भरते हैं पेट
राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाली भंवर नाम के शख्स ने कभी भी कुदरत की मार को अपने पर हावी नहीं होने दिया। आंखों में रोशनी नहीं फिर भी पेट भरने के लिए निकल पड़ते हैं ट्रेन में और मसाला चाट नमकीन बेचकर अपनी दो वक्त की रोटी का जुगाड़ तो कर ही लेते है।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाली भंवर नाम के शख्स ने कभी भी कुदरत की मार को अपने पर हावी नहीं होने दिया। आंखों में रोशनी नहीं फिर भी पेट भरने के लिए निकल पड़ते हैं ट्रेन में और मसाला चाट नमकीन बेचकर अपनी दो वक्त की रोटी का जुगाड़ तो कर ही लेते है।
संबंधित खबरें
आंखों में रोशनी नहीं होने या किसी कारण वश रोशनी चली जाने के बाद कुछ लोग तो मेहनत करना छोड़कर दूसरों का सहारा ढूंढने लगते हैं या फिर इसे मजबूरी मानकर भीक्षा तक मांगने लग जाते हैं।
दूसरों के सामने हाथ फैलाकर अपना जीवन यापन करने लगते हैं।
लेकिन इन लोगों में से एक इंसान ऐसा भी है जिसने कभी कुदरत की इस पीड़ा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।
आंखों में रोशनी नहीं होने के बावजूद किसी के आगे हाथ नहीं फैलाए और आज बुढ़ापे में भी बिना आंखों के भी मेहनत करते हैं और मेहनत की कमाई से ही अपना पेट भरते हैं।
संबंधित खबरें
भले ही इसके लिए उन्हें किसी भी कठिनाई से गुजरना पड़े।
इसी इंसान को कैमरे में कैद किया थिंक 360 ने और समाज के लोगों को कभी हार नहीं मानने का संदेश देने की कोशिश की।
राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाली भंवर नाम के शख्स ने कभी भी कुदरत की मार को अपने पर हावी नहीं होने दिया।
आंखों में रोशनी नहीं फिर भी पेट भरने के लिए निकल पड़ते हैं ट्रेन में और मसाला चाट नमकीन बेचकर अपनी दो वक्त की रोटी का जुगाड़ तो कर ही लेते है।
भगवान ने भंवर जी को भले ही आंखों की रोशनी नहीं दी हो फिर भी वे अपने हुनर से इस तरह से काम कर लेते हैं जैसे उन्हें सब कुछ दिख रहा हो।
बिना किसी की मदद से ट्रेन में चढ़ना-उतरना, नमकीन बेचने के लिए एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे में फेरी लगाना और ग्राहक को बिल्कुल आसानी से नमकीन सर्व करने का काम कर लेते हैं।
ट्रेन में उन्हें इस तरह से देख हर कोई हैरान हो जाता है और शायद यहीं सोचता होगा कि, हम से अच्छे तो यही है जो किसी के आगे झुकते नहीं बल्कि अपने हौसलों से आंखे रखने वालों को भी झुका देते हैं।
ताज़ा खबरें
राजस्थान भाजपा की नई मीडिया टीम घोषित: मदन राठौड़ के निर्देश पर संभाग और जिला प्रभारियों की नियुक्ति, देखें पूरी लिस्ट
मोदी सरकार का बड़ा फैसला: राजस्थान में 1019 नए आयुष केंद्रों को मिली मंजूरी, गांव-गांव तक पहुचेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
जयपुर: महिला कांग्रेस का प्रदर्शन पूरी तरह फ्लॉप, राखी राठौड़ ने कांग्रेस के 'झूठ' और 'भ्रम' की राजनीति को बेनकाब किया
राज्यसभा में गूंजी नीरज डांगी की दहाड़: महंगाई, बेरोजगारी और गिरते रुपये पर मोदी सरकार को जमकर घेरा, पूछे तीखे सवाल