जालोर, राजस्थान - जालोर जिले की भीनमाल पुलिस ने एक बड़ी धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार किया है।
जालोर: खातेदारी को अपनी बता धोखा करने वाला प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार
आरोपी ने खातेदारी कृषि भूमि को अपनी खरीदसुदा बताकर मासिक किस्तों में प्लॉट बेचने का झांसा देकर लाखों रुपए हड़प लिए। पुलिस ने आरोपी रतनसिंह को जोधपुर से गिरफ्ता
HIGHLIGHTS
- आरोपी ने खातेदारी कृषि भूमि को अपनी खरीदसुदा बताकर मासिक किस्तों में प्लॉट बेचने का झांसा देकर लाखों रुपए हड़प लिए।
- पुलिस ने आरोपी रतनसिंह को जोधपुर से गिरफ्तार कर धोखाधड़ी के मामले में आगे की जांच शुरू की है।
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आरोपी ने खातेदारी भूमि को अपनी खरीदसुदा भूमि बताकर मासिक किस्तों पर बेचने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए हड़प लिए थे और फिर फरार हो गया था।
जालोर पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद्र यादव के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत भीनमाल थानाधिकारी रामेश्वर भाटी और उनकी टीम ने जोधपुर से आरोपी रतनसिंह पुत्र उम्मेदसिंह राजपूत, निवासी केशव नगर 2 बासनी, जोधपुर को गिरफ्तार किया।
थानाधिकारी रामेश्वर भाटी ने बताया कि आरोपी ने भीनमाल बी क्षेत्र में खसरा संख्या 2884 की 18 बीघा जमीन को अपनी बताकर मासिक किस्तों में पैसे लेने का झांसा दिया।
उसने कई परिवादियों से यह रकम प्राप्त की लेकिन भूखंड सुपुर्द नहीं किया और फरार हो गया।
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इसी प्रकार, आरोपी रतनसिंह ने अन्य कई लोगों से भी इस प्रकार की धोखाधड़ी की है, जिसके संबंध में अब तक पांच और मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में पुलिस का अनुसंधान जारी है।
आरोपी ने भीनमाल में 72 जिनालय के पीछे स्थित रतन वाटिका के प्लॉट बेचने के बहाने लोगों से पैसे लिए, नक्शे बनवाए, लेकिन किसी को प्लॉट सुपुर्द नहीं किया।
पुलिस रिकॉर्ड में पता चला है कि पूर्व में भी रतनसिंह के खिलाफ इसी तरह के सात मामलों में चालान पेश किया जा चुका है, जो न्यायालय में विचाराधीन हैं।
धोखाधड़ी का तरीका
पुलिस के अनुसार, रतनसिंह ने 'रतन प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड' नाम से जोधपुर में एक ऑफिस खोला था और वहां से प्रचार-प्रसार करते हुए भीनमाल में भूखंड बेचने की योजना चलाई।
उसने ग्राहकों को 5 साल में किस्तों के माध्यम से भूखंड का पूर्ण भुगतान कर प्लॉट देने का लालच दिया। वर्ष 2017 से वह नियमित रूप से लोगों से पैसे किस्तों में वसूलता रहा।
हालांकि, जिस भूमि को वह बेचने का दावा कर रहा था, वह खातेदारी कृषि भूमि थी और उसका स्वामित्व भी उसके नाम पर नहीं था। यह भूमि एसटी सदस्य की थी, जिसे उसने गलत तरीके से आबादी भूमि बताकर बेचने की कोशिश की।
फिलहाल, भीनमाल पुलिस ने इस मामले में अनुसंधान जारी रखा है ताकि अन्य पीड़ितों को भी न्याय मिल सके और आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जा सके।
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